भवन में छह विभागों का है कार्यालय, प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज पहुंचते हैं जांच कराने
शौचालय में पानी के अभाव में फैल रही है बदबू, मरीज व स्वास्थ्यकर्मी परेशान
भागलपुर : सदर अस्पताल प्रबंधन की परेशानी कम होती नहीं दिख रही है. कभी इमरजेंसी में पेयजल संकट, कभी जीएनएम स्कूल में बिजली व पानी संकट. बोरिंग खराब होने पर टैंकर से जलापूर्ति होती है. सदर अस्पताल का एक बहुत बड़ा भाग क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई भवन में दो माह से जलापूर्ति बाधित है और यहां पहुंचने वाले मरीज व स्वास्थ्यकर्मियों में हाहाकार मचा है.
छह विभागों में खरीद कर पीना पड़ता है पानी: क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई भवन में छह विभागों के कार्यालय चल रहे हैं. इसमें क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, ड्रग्स विभाग,फूड विभाग, अल्ट्रासाउंड विभाग, एचआइवी टेस्ट सेंटर व पैथोलैब के कार्यालय चल रहे हैं.
पैथोलैब में प्रतिदिन 60 से 100 मरीज पेशाब, खून आदि की जांच कराने पहुंचते हैं. एेसे में उन्हें पानी की जरूरत पड़ती है. शौचालय में पानी नहीं होने से आसपास बदबू फैल रही है. सभी विभाग में मिला कर प्रतिदिन 250 से अधिक मरीज व स्वास्थ्यकर्मी पहुंचते हैं.
उन्हें बिना पानी के रहना पड़ रहा है. स्वास्थ्यकर्मियों को डिब्बा वाला पानी उपलब्ध कराया गया है, लेकिन मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है.
दो दिनों से बिजली संकट से था पेयजल संकट: सदर अस्पताल का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से मुख्य द्वार पर लगे पानी टंकी से पानी आना बंद हो गया था. जीएनएम स्कूल में टैंकर से पानी आपूर्ति करनी पड़ी. इमरजेंसी व आउटडोर में बिजलीसंकट नहीं थी. यहां जलापूर्ति बहाल रही. गुरुवार को जलापूर्ति व्यवस्था बहाल हो गयी.
