भागलपुर : राजस्व व भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल ने कहा कि पूरे राज्य में भूमि सुधार धरातल पर परिलक्षित हो, इसकी कार्ययोजना बैठक के माध्यम से तैयार होनी है. मुझे शर्म आती है कि मेरे क्षेत्र में सबसे अधिक राजस्व के लंबित मामले हैं. इस कारण जनता का काम समय पर नहीं हो रहा […]
भागलपुर : राजस्व व भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल ने कहा कि पूरे राज्य में भूमि सुधार धरातल पर परिलक्षित हो, इसकी कार्ययोजना बैठक के माध्यम से तैयार होनी है. मुझे शर्म आती है कि मेरे क्षेत्र में सबसे अधिक राजस्व के लंबित मामले हैं. इस कारण जनता का काम समय पर नहीं हो रहा है.
हर स्तर पर भूमि विवाद संबंधी शिकायत सर्वाधिक आती है. अगर राजस्व के लंबित मामले के समय पर निबटाने में अफसर असफल रहते हैं तो मैं उनकी फाइल खुलवा दूंगा. इस कारण समय रहते काम मेंसुधार लायें. यही तल्ख तेवर अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह की भी समीक्षा में रही. उन्होंने कहा कि अंचलाधिकारी यह नहीं समझें कि काम ठीक नहीं करेंगे तो उनका ट्रांसफर-पोस्टिंग होगा. उनके पास इतना पाॅवर है कि वह सीधे वोलेंटरी रिटायरमेंट (एच्छिक सेवानिवृति) दे देंगे.
जो भी संसाधन है, उससे लंबित मामलों को 30 अक्तूबर तक जीरो कर दें. इसमें कोई भी बहानेबाजी नहीं सुनी जायेगी. डीएम स्तर से काम की समीक्षा होगी और वह सीधे अफसर की सूची उनके(अपर मुख्य सचिव) पास भेज देंगे. उन्हें विभाग एच्छिक सेवानिवृति देगा. समीक्षा में मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन में कुछ समस्याएं जैसे ऑपरेटर, अमीन व कर्मचारी की कमी है. मगर इसमें भी कुछ अंचल बेहतर कर रहे हैं. कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है, जो जल्द पूरा हो जायेगा. अपर समाहर्ता, डीसीएलआर कार्ययोजना बनाकर हर स्तर पर समीक्षा करें.
जगदीशपुर सदर सहित कई सीओ को कार्रवाई की चेतावनी
– भागलपुर में ऑनलाइन म्यूटेशन मेें जगदीश��ुर सदर में 6636 आवेदन लंबित है. 31 अक्तूबर तक 30 जून से पहले आवेदन का निबटारा नहीं हुआ तो सीओ सोनू भगत के खिलाफ कार्रवाई होगी. प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी ने जगदीशपुर सीओ के खिलाफ अधिक शिकायत के बारे में बताया. एडीएम को एक बार खुद निरीक्षण करने का निर्देश हुआ.
– 60 दिन से अधिक के आवेदन मामले में सबसे अधिक पेंडिंग गोराडीह व सबौर है. यहां ऐसे एक हजार से अधिक मामले लंबित हैं. गोराडीह में म्यूटेशन निबटारे में 20 प्रतिशत और कहलगांव अंचल में 25 प्रतिशत काम हुआ है. डीसीएलआर अंचल का निरीक्षण करेंगे.
– 30 जून के पहले दिये गये आवेदन को 31 अक्तूबर तक पूरा कर लें, वरना कार्रवाई होगी.
बांका में रजौन के सीओ को लगी फटकार
– बांका में रजौन में 60 दिन से अधिक लंबित आवेदन की संख्या सबसे अधिक है. अमरपुर सीओ ने कहा कि एक जुलाई को योगदान दिये हैं.
ऑपरेटर पर आश्रित रहनेवाले सीओ पर होगा प्रपत्र क गठित
– जो अंचलाधिकारी पूरी तरह ऑपरेटर पर आश्रित हैं, उनकी सूची बनेंगी. डीएम स्तर पर जांच करवाकर स्वयं कंप्यूटर पर काम नहीं करनेवालों के खिलाफ प्रपत्र क गठित होगा. किसी भी स्थिति में डाटा इंट्री ऑपरेटर कोक अपना डिजिटल सिग्नेचर नहीं दें.
– नये जमाबंदी के फॉर्म में रिपोर्ट देने के मामले में गोपालपुर की स्थिति काफी खराब है. इस पर कार्रवाई की जाये. इस तरह बांका के बाराहाट में स्थिति खराब है, यहां त्वरित कार्रवाई करें. जमाबंदी और लगान के आंकड़े को तत्काल सुधार हो.
– बांका के चांदन अंचल की स्थिति नये जमाबंदी के फॉर्म पर रिपोर्ट ठीक नहीं है, यही हाल बेलहर का भी है. इस बार डीसीएलआर के रिपोर्ट में उक्त बातें स्पष्ट हो रही हैं.
– जल जीवन हरियाली के तहत बांका के बाराहाट में एक भी जल निकाय का रिपोर्ट नहीं है. यह विश्वास करने योग्य नहीं है. सीओ से दोबारा रिपोर्ट अपलोड करें. इसी प्रकार गोराडीह का रिपोर्ट अपडेट नहीं है, हलकवार जांच कर अपडेट करें.