सुविधा l 12 सीट की क्षमता वाले एग्जीक्यूटिव लाउंज में लगे हैं चार एसी, दो बाथरूम की भी है सुविधा
भागलपुर : पार्सल के नजदीक प्लेटफॉर्म एक पर एग्जीक्यूटिव लाउंज का शुभारंभ मंगलवार को हुआ. प्रभारी डीआरएम पीके मिश्रा ने चतुर्थवर्गीय कर्मचारी भरतरी पासवान से फीता काट कर करवाया. उन्होंने एग्जीक्यूटिव लाउंज का जायजा लिया और कई कमियों को पूरा करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने लाउंज की व्यवस्था बेहतर बतायी.
12 सीट की क्षमता वाली लाउंज में चार एसी लगायी गयी है. वहीं, दो बाथरूम की सुविधा है. इसके अलावा रेलवे के कुछ ऐतिहासिक धरोहर की तसवीर लगाये गये हैं, जिसमें जमालपुर टनल एवं साहिबगंज का बंग्ला शामिल है. मगर, इस एग्जीक्यूटिव लाउंज में वीआइपी यात्रियों को बैठने और आराम करने के चार्ज देने होंगे. दरअसल, 10 सीटेें बैठने के लिए है, तो वहीं दो आरामदायक सीट है. बैठने के लिए 30 रुपये प्रति घंटे और आरामदायक कुर्सी के लिए 50 रुपये प्रति घंटे चार्ज वसूलने का प्रावधान किया गया है. देखना यह है कि अब एक वीआइपी रूम रहते दूसरे चार्जेवल एग्जीक्यूटिव लाउंज को यात्री कितना पसंद करते हैं.
वीआइपी रूम बना रेलवे कर्मचारियों के लिए सोने-बैठने का अड्डा : एक तरफ एग्जीक्यूटिव लाउंज से वसूली होगी, तो दूसरी ओर स्टेशन पर पहले के बने वीआइपी रूम रेलवे कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए सोने-बैठने का अड्डा बनकर रह गया है. इसका जितना वीआइपी पैसेंजर उपयोग नहीं करते हैं, इससे कहीं ज्यादा रेलवे कर्मी.
स्थिति यह हो गयी है कि दोपहर का लंच भी अब वीआइपी रूम में होने लगा है. केवल रेलवे के जांच अधिकारी इसका उपयोग कर सकते हैं. बता दें कि वीआइपी रूम में शराब पीने के मामले में कभी रेलवे कर्मी निलंबित तक हुए हैं. बावजूद, इसके वीआइपी रूप से अनाधिकृत रूप से उपयोग कर रहे हैं.
निरीक्षण के दौरान कमियों पर लगायी फटकार : प्रभारी डीआरएम ने स्टेशन का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने यात्री सुविधा का जायजा लिया. वहीं, कई जगह यात्रियों की सुविधा में कमी नजर आयी, तो रेलवे अधिकारियों को फटकार लगायी. उन्होंने रेलवे अधिकारियों को खुद में सुधार लाने की चेतावनी दी.
