बांग्लाभाषियों के लिए अल्पसंख्यक अधिकारों को ले समिति संघर्षशील

भागलपुर : बिहार बंगाली समिति बांग्लाभाषियों के संविधान प्रदत्त भाषायी अल्पसंख्यक के अधिकारों के लिए लगातार संघर्षशील है. यह बातें बिहार बंगाली समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप सिन्हा रविवार को टाउन हॉल में 52वें राज्य सम्मेलन में बोल रहे थे. सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ डाॅ दिलीप सिन्हा, तपन सेनगुप्ता, भागलपुर शाखा की […]

भागलपुर : बिहार बंगाली समिति बांग्लाभाषियों के संविधान प्रदत्त भाषायी अल्पसंख्यक के अधिकारों के लिए लगातार संघर्षशील है. यह बातें बिहार बंगाली समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप सिन्हा रविवार को टाउन हॉल में 52वें राज्य सम्मेलन में बोल रहे थे.

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ डाॅ दिलीप सिन्हा, तपन सेनगुप्ता, भागलपुर शाखा की अध्यक्ष रत्ना मुखर्जी, अखिल भारतीय बांग्ला भाषा मंच के सचिव नीतीश विश्वास, प्रदीप गांगुली, भागलपुर शाखा के सचिव जयजीत घोष, सम्मेलन आयोजन समिति की अध्यक्ष डाॅ अमिता मोइत्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. मंच को स्व अर्धेन्दु घोष के नाम पर उत्सर्ग किया गया था.
सभा के आरंभ में प्रो रत्ना मुखर्जी ने अतिथियों का स्वागत किया. अध्यक्षता करते हुए डाॅ दिलीप कुमार सिन्हा ने कहा कि रिफ्यूजी कॉलोनियों में रैयती हक दिलाने व जाति प्रमाण पत्र दिलवाने के लिए संघर्ष जारी है. प्रारंभिक विद्यालयों में बांग्ला शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है, लेकिन उनका पदस्थापन ज्यादातर ऐसे जगहों पर किया गया है, जहां बांग्ला भाषी छात्र ही नहीं हैं. इसके समाधान के लिए समिति प्रयास कर रही है.
26 व 27 को ईश्वरचंद्र विद्यासागर द्विशतवार्षिकी मेला
ईश्वरचन्द्र विद्यासागर के द्विशतवार्षिकी पर समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी. 26-27 सितंबर को कर्माटांड़ में विद्यासागर के अंतिम आवास नंदनकानन में आयोजित विद्यासागर मेला भी शामिल है.
विद्यासागर की कर्मभूमि के विकास के लिए करेंगे आर्थिक सहायता : अखिल भारतीय बंगाली समिति के अध्यक्ष तपन सेनगुप्ता ने कहा कि बिहार बंगाली समिति देश में बंगालियों का सबसे सशक्त संगठन है. आश्वासन दिया कि ईश्वरचंद्र विद्यासागर के कर्मभूमि कर्माटांड़ के विकास के लिए दिल्ली बंगाली समिति के तरफ से आर्थिक सहायता दी जायेगी.
एनआरसी के नाम पर असम में बंगालियों का हो रहा उत्पीड़न: नीतीश विश्वास ने असम में एनआरसी के नाम पर असम में जारी बंगाली उत्पीड़न की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वहां कई पुश्तों से रह रहे कई लाख बंगालियों का नाम वोटर लिस्ट से निकाल कर उन्हें डिटेंशन कैंपों में रहने को मजबूर किया जा रहा है, जो दु:खद है. महासचिव सुनिर्मल दास ने कहा कि सभी शाखाएं रक्तदान, स्वास्थ्य जांच कैंप, मुफ्त दवाखाना, शव वाहन सुविधा, बांग्ला शिक्षा क्लास, सिलाई सेंटर, पौधरोपण आदि कार्यों में संलग्न होकर समाज सेवा के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही है.
बांग्ला माध्यम स्कूलों में पाठ्य-पुस्तक मुहैया नहीं कराना चिंताजनक:
कोषाध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा की ओर से पेश किये गये आय-व्यय के ब्योरे को सर्वसम्मति से पारित किया गया. उन्होंने बांग्ला माध्यम स्कूलों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मुहैया कराने पर चिंता व्यक्त की. देवज्योति मुखर्जी ने स्किल डेवलेपमेंट की ओर से उद्यमिता विकास पर अपना वक्तव्य रखते हुए कर्माटांड़ के विद्यासागर स्मृति स्थल को एक स्किल डेवलेपमेंट हब के रूप में विकसित करने के लिए अपनी सेवा देने का प्रस्ताव दिया. दिन भर चले चर्चा में प्रणव दास, तापस घोष, फाल्गुनी मुखर्जी, प्रह्लाद घोष, संजय राय, अजय सान्याल, आशीष घोष आदि ने अपने वक्तव्य रखे. सचिव जयजीत घोष ने कहा कि इस सम्मेलन के आयोजन में भागलपुरवासी बंगाली समुदाय से प्राप्त अभूतपूर्व सहयोग से वह अभिभूत हैं.

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