कागजी शेर : पेपर पर स्मार्ट, हकीकत में बेहाल है व्यवस्था
भागलपुर : पांच साल पहले हुई अमन की मौत की घटना के बाद भी नगर निगम पूरी तरह सचेत नहीं हुआ है. याद रहे अमन आदमपुर चौक के पास नाले में बह गया था. इसके बाद काफी मांग के बाद घटना वाले नाले समेत कुछे नालों की बेरिकेडिंग करायी गयी, पर कई आज भी जानलेवा हैं. यहां आये दिन लोग दुर्घटना के शिकार होते रहते हैं. अभी वर्षा के दौरान उन इलाकों में गुजरने से डरते हैं लोग.
डिक्शन रोड : एक दिन पहले गिरी कार : डिक्शन रोड में एक दिन पहले नाले में कार गिर गयी. संयोग था कि इसमें किसी को गंभीर रूप से चोट नहीं आयी. इस नाले में आये दिन दुर्घटना होती रहती है. दरअसल बस से जल्दी उतरने व चढ़ने के दौरान यात्री गिर रहे हैं.
विवि हथिया नाला : अक्सर गिरते हैं विद्यार्थी : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय समीप स्थित हथिया नाला में प्राय: विद्यार्थी गिरते रहते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता अमित कुमार सिंह ने बताया कि यहां पर बराबर साइकिल चालक व बाइक वाले के गिरने की घटना होती है.
आसपास शिक्षण संस्थान व विश्वविद्यालय होने के कारण अधिकांश विद्यार्थी इसी क्षेत्र में रहते हैं. यहां नाले की गहराई 10 फीट तक है.
रामसर से उर्दू बाजार : सड़क नाले में अंतर नहीं रहता, रामसर चौक से उर्दू बाजार जाने के रास्ते में हथिया नाला है. बारिश के बाद इस गली से होकर गुजरना मुश्किल होता है. रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि बारिश के बाद स्थानीय लोग तो सचेत हो जाते हैं, लेकिन बाहर के लोग फंसते रहते हैं.
आकाशवाणी चौक के आगे पुलिया का नाला : आकाशवाणी चौक के आगे वीणा सिन्हा गली का नाला तो वर्षा होते ही लबालब हो जाता है. नाला और सड़क का अंतर मिट जाता है.
