भागलपुर : दो जून 2019 को प्रभात खबर ने सात करोड़ से ज्यादा रकम अपने सहयोगी से ठग कर भागने वाले सिपाही सुनील यादव के खिलाफ खबर छापी थी. उस वक्त एसएसपी ने खबर छपने के बाद कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया था. साथ ही विभागीय कार्यवाही का आश्वासन दिया था. इस बीच […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
भागलपुर : दो जून 2019 को प्रभात खबर ने सात करोड़ से ज्यादा रकम अपने सहयोगी से ठग कर भागने वाले सिपाही सुनील यादव के खिलाफ खबर छापी थी. उस वक्त एसएसपी ने खबर छपने के बाद कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया था. साथ ही विभागीय कार्यवाही का आश्वासन दिया था.
इस बीच सुनील का कोई पता विभाग को नहीं है. रांची कोकर का रहने वाला सुनील अभी कहां है, इसकी जानकारी विभाग को नहीं है. जिले में सुनील अंतिम बार महिला थाना में तैनात था. इसके खिलाफ पहला आवेदन एसएसपी आशीष भारती को तीन जुलाई को नवगछिया में तैनात सिपाही ने दिया था. अब पुलिस अपने ही सिपाही को कहां कहां तलाश करे यह समस्या सामने आ गया है.
फाइलों में दबी है सिपाही की ठगी की कहानी : मामला सामने आने के बाद एसएसपी आशीष भारती ने इसे गंभीरता से लिया था. सार्जेंट मेजर को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था. इससे पहले भी पूर्व में मेजर को जांच का निर्देश दिया गया था. तीन सार्जेंट मेजर बदल गये, लेकिन जांच नहीं हो पायी. जबकि कई ने आवेदन दिया था. ऐसे में अब आवेदन मिलने के बाद संभावना हैं कि सुनील पर कार्रवाई हो सके.