कहलगांव : थाना क्षेत्र के जानमोहम्मदपुर गांव के एक नशेड़ी युवक दिलखुश कुमार (35) ने रविवार को कहलगांव थाने की हाजत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. दिलखुश को उसकी मां कंचन देवी की लिखित शिकायत पर कहलगांव पुलिस ने रविवार को ही गिरफ्तार किया था. इसका पिता झारखंड पुलिस में हवलदार के पद पर हैं. फिलहाल वह महगामा (गाेड्डा) के भाजपा विधायक अशोक भगत की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात हैं.
हाजत में बंद नशेेेड़ी ने फांसी लगा खुदकुशी की ग्रामीणों ने किया हंगामा
कहलगांव : थाना क्षेत्र के जानमोहम्मदपुर गांव के एक नशेड़ी युवक दिलखुश कुमार (35) ने रविवार को कहलगांव थाने की हाजत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. दिलखुश को उसकी मां कंचन देवी की लिखित शिकायत पर कहलगांव पुलिस ने रविवार को ही गिरफ्तार किया था. इसका पिता झारखंड पुलिस में हवलदार के पद पर […]

युवक की मौत की खबर फैलते ही जानमोहम्मदपुर गांव के दर्जनों युवक कहलगांव थाना के मेन गेट के पास पहुंच कर हंगामा करने लगे और पुलिस को शव उठाने से रोक दिया. करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद कई थानेे की पुलिस को बुलाया गया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
कहते हैं एसडीपीओ : कहलगांव के एसडीपीओ मनोज कुमार सुधांशु ने बताया कि दिलखुश की मां कंचन देवी की लिखित शिकायत पर कहलगांव थाने में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था. हाजत में गमछे से फांसी लगाने की घटना की जांच की जा रही है. अनुमंडल अस्पताल कहलगांव में मेडिकल जांच में भी नशे की पुष्टि हुई है. मृत युवक का अापराधिक इतिहास भी था. घर वाले इसकी अापराधिक गतिविधियों से परेशान थे. नशे में उत्पात मचाने पर पहले भी वह जेल जा चुका था.
भागलपुर के एसएसपी, आशीष भारती ने कहा िक अभियुक्त दिलखुश कुमार मंडल उर्फ अभिषेक कुमार मंडल की मां ने कहलगांव थाना को सूचना दी थी कि उनका बेटा दिलखुश शराब के नशे में घर में मारपीट कर रहा है. इसके बाद कहलगांव थाना के पदाधिकारी ने दिलखुद को हिरासत में लेकर उसकी जांच की.
शराब पीने की पुष्टि होने के बाद उसे कहलगांव थाना के हाजत में बंद कर दिया गया, जहां गिरफ्तारी अवधि में ही दिलखुश ने गमछे का फायदा उठाते हुए आत्महत्या कर ली. पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी कहलगांव एसडीपीओ को दी गयी है. साथ ही कानूनी प्रावधान के तहत सभी कानूनी प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को शव सौंपा जायेगा. मृतक पूर्व में भी शराब पीने के आरोप में जेल जा चुका है.
मिलने आये दोस्त से लिया था गमछा, जिससे लगायी फांसी
हाजत में बंद दिलखुश से मिलने उसका एक दोस्त आया था. उससे दिलखुश ने उसका गमछा मांग लिया था. दोस्त के जाने के करीब एक घंटे बाद ही हाजत की छत की मोटी लकड़ी के सहारे गमछे का फंदा लगा कर वह झूल गया. हाजत गेट के दायीं ओर दो हाथ ऊंचा घेरा है, जिस पर चढ़कर उसने फंदा लगाया.