पटना/भागलपुर : सीबीआइ ने जिला परिषद में हुए 90 करोड़ राशि के सृजन घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दोपहर भागलपुर से बैंक ऑफ बड़ौदा की एक तत्कालीन क्रेडिट मैनेजर व बड़े व्यवसायी को पूछताछ के लिए उठाया है. संबंधित बैंक कर्मी भागलपुर के घंटाघर स्थित बैंक की शाखा में क्रेडिटमैनेजर के तौर पर कार्यरत थी और वर्तमान में वह कोलकाता के एक ब्रांच में मैनेजर के तौर पर काम कर रही हैं.
मैनेजर व एक बड़े व्यवसायी को पूछताछ के लिए उठाया
पटना/भागलपुर : सीबीआइ ने जिला परिषद में हुए 90 करोड़ राशि के सृजन घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दोपहर भागलपुर से बैंक ऑफ बड़ौदा की एक तत्कालीन क्रेडिट मैनेजर व बड़े व्यवसायी को पूछताछ के लिए उठाया है. संबंधित बैंक कर्मी भागलपुर के घंटाघर स्थित बैंक की शाखा में क्रेडिटमैनेजर के […]

साथ ही सीबीआइ ने शहर के एक बड़े व्यवसायी को भी अपने साथ ले गयी है. इस व्यवसायी का खलीफाबाग चौक पर शापिंग मॉल है. घोटाला उजागर होने पर संबंधित व्यवसायी के सृजन समिति की संचालिका मनोरमा देवी से नजदीकी होने की चर्चा थी. सीबीआइ की टीम व्यवसायी से कई दौर की पूछताछ पहले भी कर चुकी है.
जिला परिषद में हुए घोटाले की जांच में आया था क्रेडिट मैनेजर महिला कर्मी का नाम
जिला परिषद में सरकारी योजनाओं की 90 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की जांच के दौरान सीबीआइ ने क्रेडिट मैनेजर पद पर तैनात महिला कर्मी से पूछताछ की थी. उसने बताया था कि विभाग के चेक के पीछे मनोरमा देवी के सृजन समिति के मुहर लगे हुए आते थे, जो उस समय सृजन समिति के खाते में जमा हो जाता था. सीबीआइ ने प्रारंभिक जांच के बाद चार्जशीट विशेष कोर्ट में दायर किया है. चर्चा है कि जिला परिषद मामले में पूरक चार्जशीट दायर करनेवाली है. इसको लेकर अंतिम चरण की पूछताछ की जा रही है.
सुबह करीब 11 बजे भीखनपुर के गुमटी नंबर-2 के दुर्गा स्थान के समीप आयी थी टीम
सीबीआइ की दो अलग-अलग गाड़ियों में टीम सुबह करीब 11 बजे भीखनपुर के गुमटी नंबर-2 के दुर्गा स्थान के समीप आयी थी. आसपास के लोगों के मुताबिक, टीम करीब डेढ़ घंटे तक संबंधित क्रेडिट मैनेजर के घर के अंदर रही. इस दौरान गेट के दरवाजे पर सीबीआइ के सदस्य मौजूद थे. दोपहर होने के कारण संबंधित सड़क पर आवाजाही कम थी.
बाजार से व्यवसायी को भी उठाया
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआइ ने सृजन घोटाला में एक बड़े व्यवसायी को पूछताछ के लिए साथ ले गयी. व्यवसायी का संबंधित सृजन समिति की संचालिका से काफी नजदीक थे. शुरुआत में सृजन घोटाला मामले में प्रमुख सूत्रधारों में उनका नाम आ रहा था.