विश्वविद्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, शिक्षकों के सीसीआर को सीलबंद लिफाफे में कुलपति सचिवालय में जमा करना होगा. इसके लिए टीएमबीयू के शिक्षकों के लिए 13 अप्रैल, जबकि मुंगेर विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए 16 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गयी है.
कुलसचिव ने अपने आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी संस्थान के प्रधान (प्राचार्य या विभागाध्यक्ष) द्वारा अधीनस्थ शिक्षकों का सीसीआर समय पर उपलब्ध नहीं कराया जाता है और इस कारण शिक्षक की प्रोन्नति रुकती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्थान प्रधान की होगी. यह आदेश उन शिक्षकों के लिए है जिन्होंने वर्ष 2021 से अब तक विभिन्न प्रोन्नति योजनाओं के तहत उचित माध्यम से अपना आवेदन विश्वविद्यालय में समर्पित किया है. प्रोन्नति की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए सीसीआर एक अनिवार्य दस्तावेज है.bhagalpur news. शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए 13 अप्रैल तक मांगी गयी गोपनीय रिपोर्ट
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्ष 2021 से लंबित शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया को गति देने के लिए सख्त रुख अख्तियार किया है
