भागलपुर : भागलपुर के निवर्तमान सांसद व राजद के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव हार गये. कांटे की टक्कर में शुरू से ही दबदबा बनाये जदयू प्रत्याशी व नाथनगर के विधायक अजय कुमार मंडल ने बुलो मंडल को 2,77,630 वोट के अंतर से शिकस्त दी.
भागलपुर में तीसरे स्थान पर नोटा रहा, जिसमें 31,567 वोट पड़े. चुनाव मैदान में नौ प्रत्याशियों की भिड़ंत थी. शेष सात प्रत्याशी 10 हजार वोट के भीतर ही सिमट गये. मतगणना सुबह आठ बजे राजकीय पॉलिटेक्निक में शुरू हुई और गिनती के आखिर तक किसी भी राउंड में अजय मंडल को कोई पछाड़ नहीं सका. निकटवर्ती प्रत्याशी शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल हर राउंडमें अजय के ठीक बाद दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन वोट पाने के मामले में काफी पीछे खड़े दिखे.
अजय मंडल को 6,18,254 वोट मिले, जबकि बुलो मंडल को 3,40,624 मत ही प्राप्त हो सके. 2014 में बुलो मंडल ने 3,67,623 वोट के साथ 9,485 वोट के मार्जिन से जीत दर्ज की थी, जबकि इस बार बुलो 2,77,630 वोट से पीछे रह गये. रात 9.30 बजे अजय मंडल को जीत का प्रमाण पत्र जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम प्रणव कुमार ने दिया. इस बार भागलपुर लोकसभा क्षेत्र में 18,19,243 मतदाताओं में 10,39,648 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट के रूप में आये 2,947 वोट में 661 वोट रद्द हुए, वहीं फैसिलिटेशन काउंटर पर डाले गये पोस्टल बैलेट 139 में से तीन वोट रद्द हुए. इस तरह पोस्टल बैलेट 2,422 वोट की गिनती हुई.
मतगणना केंद्र राजकीय पॉलिटेक्निक के भीतर व बाहर भारी संख्या में पुलिस जवानों व पदाधिकारियों की तैनाती की गयी थी. सुबह 6.30 बजे से मतगणना कर्मी, प्रत्याशी, अभिकर्ता आदि मतगणना केंद्र में प्रवेश करने लगे थे. 84 टेबल पर 108 माइक्रो, 96 सुपरवाइजर व 102 सहायक की ड्यूटी लगायी गयी थी. सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई और देर शाम तक चली. अजय मंडल व बुलो मंडल को मिले वोट के बीच शाम होते-होते इतना लंबा फासला हो चुका था कि लोग यह मान चुके थे कि अजय मंडल जीत गये.
देश भर में एनडीए को मिलती जा रही बढ़त और जीते प्रत्याशियों की लंबी होती जा रही फेहरिस्त को देख पॉलिटेक्निक के बाहर जदयू व भाजपा कार्यकर्ताओं ने अबीर-गुलाल उड़ा खुशी का इजहार किया. आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर से खलीफाबाग चौक तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़े के साथ विजय जुलूस निकाला. शहर में शांति-व्यवस्था को लेकर 1400 जवानों को तैनात किया गया था. पूरे जिले में धारा 144 लागू रही, ताकि कोई शांति भंग नहीं कर सके.
