एसएसपी आशीष भारती ने भेजा था बीसीसीए का प्रस्ताव
भागलपुर : जिलाधिकारी प्रणव कुमार की अदालत ने बुधवार को कुख्यात पप्पू साह उर्फ पप्पू सोनार पर बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 12 की उपधारा 2 के तहत एक साल तक जेल से नहीं निकलने का आदेश दिया है. डीएम कोर्ट ने आरोपित को वर्ग-3 एवं डिविजन सी में रखने का निर्देश दिया है.
सुनवाई के बाद कोर्ट ने टिप्पणी किया कि पप्पू साह उर्फ पप्पू सोनार जेल में है, मगर जमानत पर हाल में बाहर होनेवाला है. यदि वह जमानत पर रिहा होता है तो फिर खुलेआम लोगों के बीच आतंक फैलाते हुए अपराध शुरू कर देगा, जिसका लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. इधर डीएम कोर्ट ने कुल 198 बीसीसीए प्रस्ताव के एवज में 70 में आदेश पारित कर दिया है.
पप्पू सोनार पर अलग-अलग थानों 19 मामले हैं दर्ज : एसएसपी के अनुसार, पप्पू सोनार मुख्य रूप से शहरी इलाके में व्यवसायियों को परेशान कर रहा था. रंगदारी नहीं देने पर लूट व डकैती जैसी घटना को अंजाम दे रहा था. आरोपित पप्पू सोनार गुरुद्वारा रोड स्थित व्यवसायी अनुराग सलारपुरिया से रंगदारी मांगने व व्यवसायी कैलाश संथालिया के घर लूटकांड मामले में अभियुक्त है.
