भागलपुर : गंगा नदी की निर्मलता, अविरलता व जैविक समृद्धि को बरकरार रखने की कोशिश हो रही है. भवन निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख सह अपर आयुक्त सह विशेष सचिव योगेंद्र सिंह स्तर से निर्देश जारी हुआ है कि गंगा नदी के प्रवाह क्षेत्र में हो रहे निर्माण पर शीघ्र कार्रवाई करें. कानूनी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी भागलपुर प्रक्षेत्र में भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता व कार्यपालक अभियंता को मिली है.
गंगा के किनारे निर्माण पर होगी कार्रवाई
भागलपुर : गंगा नदी की निर्मलता, अविरलता व जैविक समृद्धि को बरकरार रखने की कोशिश हो रही है. भवन निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख सह अपर आयुक्त सह विशेष सचिव योगेंद्र सिंह स्तर से निर्देश जारी हुआ है कि गंगा नदी के प्रवाह क्षेत्र में हो रहे निर्माण पर शीघ्र कार्रवाई करें. कानूनी कार्रवाई करने […]

नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सह परियोजना निदेशक चैतन्य प्रसाद ने भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को लिखा है कि गंगा के प्रवाह क्षेत्र में कई तरह के निर्माण कार्य हो रहे हैं. निर्माण के क्रम में निर्माण एजेंसी निर्माण सामग्री का भंडारण भी उसी क्षेत्र में करती है.
निर्माण के उपरांत अवशेष व अनुपयोगी सामग्री जहां-तहां छोड़ देती है, जिससे प्रवाह में अवरोध पैदा होता है और गाद के साथ-साथ नदी की धारा मुड़ जाती है. निर्देश पर भवन निर्माण विभाग पहले गंगा नदी के प्रवाह क्षेत्र का सर्वे कर कानूनी कार्रवाई करेगा.
निर्माण व सामग्री नदी की धार में अवरोधक
नगर विकास व आवास विभाग के प्रधान सचिव सह परियोजना निदेशक का कहना है कि गंगा के प्रवाह क्षेत्र में कई तरह के निर्माण कार्य हो रहे हैं. निर्माण कार्य व सामग्री के भंडारण से नदी अपने प्राकृतिक प्रवाह से इतर प्रवाहित होने लगती है.
इससे नदी के एक भाग में कटाव होता है, जबकि दूसरे भाग में गाद से नदी के बहाव का झुकाव अपने सामान्य क्षेत्र से परे हो जाता है. अवरोध होने की स्थिति में नदी की धारा की गति कम हो जाती है. बीच-बीच में जहां-तहां छाड़न के रूप में गाद जमा हो जाता है.