एक ने शुरू किया काम, दूसरा बोला हम भी बनायेंगे
भागलपुर : शहर में कई जर्जर सड़कों का निर्माण करनेवाले नहीं मिल रहे. लेकिन तिलकामांझी चौक से आदमपुर होते हुए चंपानगर तक जानेवाली आठ किलोमीटर सड़क पर दो विभागों की मेहरबानी हो गयी है. इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने शुरू करा दिया है, वहीं चुनाव के बाद स्मार्ट सिटी परियोजना से इसके निर्माण की […]
भागलपुर : शहर में कई जर्जर सड़कों का निर्माण करनेवाले नहीं मिल रहे. लेकिन तिलकामांझी चौक से आदमपुर होते हुए चंपानगर तक जानेवाली आठ किलोमीटर सड़क पर दो विभागों की मेहरबानी हो गयी है.
इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने शुरू करा दिया है, वहीं चुनाव के बाद स्मार्ट सिटी परियोजना से इसके निर्माण की तैयारी की जा रही है. सवाल उठने लगा है कि जिस सड़क का निर्माण शुरू हो चुका है, उसी का दो-चार महीने बाद दोबारा निर्माण का क्या औचित्य रह जायेगा.
यही नहीं, सवाल यह भी कि अगले पांच साल तक पीडब्ल्यूडी मेंटेंनेंस भी करेगा, तो दोबारा निर्माण की तैयारी स्मार्ट सिटी क्यों कर रहा है. आचार संहिता के बाद जब तक स्मार्ट सिटी कंपनी फिर से टेंडर निकालेगा, तब तक सड़क बन चुकी होगी.
यह सड़क पीडब्ल्यूडी की है. इस सड़क को पीडब्ल्यूडी ने पंचवर्षीय योजना ओपीआरएमसी में शामिल कर निर्माण शुरू कराया है और पांच सालों तक मेंटेनेंस भी करेगा. वहीं, इस सड़क काे स्मार्ट सिटी में पूर्व में ही शामिल कर टेंडर की प्रक्रिया अपनायी जा रही है. टेंडर किसी कारणवश फाइनल नहीं हो सका है. आचार संहिता के बाद फिर से टेंडर करने की योजना है.
जानबूझ कर हो रही योजना की किरकिरी
बता दें कि एक पदाधिकारी ऐसे हैं, जो पीडब्ल्यूडी में कार्यरत हैं और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी शामिल हैं. बावजूद इसके स्मार्ट सिटी में शामिल सड़क के निर्माण का काम पीडब्ल्यूडी कैसे कराने लगा, यह अटपटा साबित हो रहा है.