भागलपुर : बिहार के भागलपुर में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो विशेष न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में रेलवे में नौकरी करनेवाले पवन कुमार मंडल को दोषी करार दिया है. पॉक्सो एक्ट में आरोपित के खिलाफ 16 मार्च को सजा सुनायी जायेगी.
पीरपैंती में हुई घटना में आरोपित ने शादी का झांसा देकर उससे कई बार दुष्कर्म किया, बाद में शादी का दबाव देने पर इन्कार कर दिया. पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक शंकर जयकिशन मंडल तथा बचाव पक्ष से अरुण झा ने जिरह में भाग लिया.
यह है मामला
पीरपैंती में पीड़िता अपने एक परिजन की शादी में गयी हुई थी, जहां उसकी मुलाकात मधुबन टोला निवासी पवन कुमार मंडल से हुई. शुरू में पवन कुमार मंडल उससे हंसी-मजाक करता था, बाद में दोनों आपस में प्रेम करने लगे. इस बीच पवन कुमार मंडल का आना-जाना भी शुरू हो गया. घटना से छह माह पहले पवन कुमार मंडल ने उससे शादी करने का प्रस्ताव दिया. इसके बहकावे में आकर आरोपित ने उसके साथ दुष्कर्म किया.
इस घटना के बाद कई बार आरोपित बार-बार गांव से बाहर बुलाकर दुष्कर्म करता. पीड़िता बार-बार शादी की बात कहती तो वह अपने माता-पिता से जल्द बातचीत करने का आश्वासन देता. इस बीच आरोपित पवन कुमार मंडल की रेलवे में नौकरी लग गयी और वह खड़गपुर में कार्यरत हो गया. पीड़िता को पता चला कि पवन कुमार मंडल की शादी कहीं और हो रही है तो वह फिर से आरोपित को शादी करने का दबाव दिया, वह शादी से इन्कार कर दिया. पीड़िता ने मामले की शिकायत महिला थाना सदर में किया.
