भागलपुर : जिले के अठगामा के मुकेश कुमार (35) के पैर की टूटी व सड़ चुकी हड्डी का ऑपरेशन बुधवार को मायागंज अस्पताल में किया गया. मायागंज अस्पताल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन से न केवल उसके सड़ी हड्डी को निकाल दिया, बल्कि रशियन तकनीक (एलिजरोव) से उसे फिक्स कर दिया.
डॉक्टरों ने कहा कि मरीज दो से तीन सप्ताह में चलने-फिरने लगेगा. तीन माह से अपने पैर की सड़ी हड्डी का ऑपरेशन कराने के लिए मरीज परेशान था.
परिजनों के पास इतने रुपये नहीं थे कि वह निजी अस्पताल में एक लाख रुपये खर्च कर ऑपरेशन करा पाते. मरीज ने कई जगह इलाज कराया, लेकिन उसकी हड्डी जुड़ी नहीं. यहां तक उसकी हड्डी भी सड़ गयी. मरीज के ऑपरेशन के लिए जरूरी 30 हजार रुपये के सर्जिकल आइटम की खरीदारी सिर्फ बाहर से करायी गयी.
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ मसीह आजम व डॉ सोमेन चटर्जी ने बताया कि उसके दाहिने पैर की सड़ी हड्डी को पहले निकाला गया फिर उसे फिक्स कर दिया गया. घाव सूखने के बाद बीटीएम (बोन ट्रांसपोर्ट मैकेनिज्म) किया जायेगा. इस तकनीक से टेढ़े-मेढ़े हाथ-पैर को सीधा किया जा सकता है. इस तरह का ऑपरेशन निजी अस्पताल में 80 हजार से एक लाख रुपये में किया जाता है, लेकिन यहां निशुल्क किया गया.
