भागलपुर :बिहारके भागलपुर में पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सह प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कुमुद रंजन सिंह की अदालत में मंगलवार को गोपालपुर के रहनेवाले चिंटू साही को पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद की सजा दी. उनके खिलाफ 50 हजार रुपये का जुर्माना और नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतने का निर्देश दिया. पीड़िता को सरकार की ओर से तीन लाख रुपये भी देने के लिए कहा. पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक शंकर जयकिशन मंडल तथा बचाव पक्ष से अभयकांत झा ने जिरह में भाग लिया.
यह है मामला
दो जुलाई 2017 को शाम के समय आठ वर्षीय बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी. तभी 30 वर्षीय आरोपित चिंटू साही वहां आया और बच्ची को गोद में उठाकर ले गया. घर से दूर ले जाकर दरवाजा बंद करके बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. घटना के बाद उसने बच्ची को छोड़ दिया, इसके बाद बच्ची रोते हुए अपने घर आयी. बच्ची का खून बंद नहीं होने के कारण परिजन नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र ले गये तो वहां पर दुष्कर्म की पुष्टि हुई. परिजन के बयान पर आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ.
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पॉक्सो एक्ट के तहत पति-पत्नी ने दायर की अग्रिम जमानत
भागलपुर. जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को पॉक्सो एक्ट के तहत दौलतपुर(थाना बाथ) के अभिनेश सिंह व उसकी पत्नी अर्चना कुमारी ने अग्रिम जमानत दायर किया. उनके खिलाफ शादीशुदा युवती को शादी की नियत से अपहरण करने का आरोप लगा है. शाहकुंड थाना में दर्ज मामले में उक्त पर आरोप लगा कि 12वीं की परीक्षा देने गये शादीशुदा युवती को आरोपित के बेटे रितिक कुमार ने शादी की नियत से अपहरण कर लिया. इसमें आरोपित अभिनेश सिंह व उसकी पत्नी अर्चना कुमारी ने भी सहयोग दिया.
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