भागलपुर : अस्पताल कैंपस में डंप है खून लगी रूई, सुई, स्लाइन व अन्य कचरा, रिसाइकलिंग के लिए भेजना था मेडिकल कचरा, पर जला दिया

संजीव, भागलपुर : जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज परिसर में पैदल चलें, तो सोच-समझ कर कदम रखें. कभी भी यहां फैले मेडिकल कचरे में छिपी सूई तलवे में चुभ सकती है और गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. यहां जहां-तहां सड़क किनारे मेडिकल कचरा फेंक दिया जाता है. हद तो यह कि […]

संजीव, भागलपुर : जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज परिसर में पैदल चलें, तो सोच-समझ कर कदम रखें. कभी भी यहां फैले मेडिकल कचरे में छिपी सूई तलवे में चुभ सकती है और गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. यहां जहां-तहां सड़क किनारे मेडिकल कचरा फेंक दिया जाता है. हद तो यह कि पिछले कई दिनों से अस्पताल परिसर में ओपीडी वार्ड के पीछे सड़क किनारे फेंके गये मेडिकल कचरे में आग लगा दी गयी है और वह धू-धू कर जल रहा है. इसका धुआं सीधे ओपीडी वार्ड में भी घुस रहा है.
70 किलोग्राम कचरा हर दिन जाता है रिसाइकलिंग होने
सिनर्जी वेस्ट मैनेजमेंट के कर्मी ने बताया कि उनलोगों को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल परिसर में एक कमरा दिया है. इसमें अस्पताल से निकला कचरा रखा जाता है. प्लांट की गाड़ी वहां से कचरा प्लांट में रिसाइकलिंग के लिए ले आती है. रोज 60 से 70 किलोग्राम कचरा अस्पताल परिसर के कमरे से उठाव किया जाता है.
गड्ढे का कचरा इसलिए नहीं उठाते
सिनर्जी वेस्ट मैनेजमेंट के कर्मचारी ने बताया कि गड्ढे में फेंके गये कचरे में हर तरह का मेडिकल वेस्ट मिक्स है. इस तरह के कचरे का उठाव वे लोग नहीं करते हैं. इसका निष्पादन नगर निगम के जिम्मे होना चाहिए. उनलोगों के द्वारा उठाव किये जानेवाले कचरे में निर्धारित होता है कि वे किस चीज की रिसाइकलिंग करेंगे.
पिछले हिस्से में मेडिकल कचरे की लगी है टाल
मायागंज अस्पताल के पिछले हिस्से में गड्ढे में मेडिकल कचरे आधे भर दिये गये हैं. इसमें हर तरह के मेडिकल कचरे मिक्स हैं. गड्ढे में पिछले कई महीनों से कचरा फेंका जा रहा है. अनुमान के तौर पर करीब दो ट्रक मेडिकल कचरा जमा हो चुका है. यहां कचरा चुननेवाले लोग प्लास्टिक की बोतलें चुनते और निर्धारित स्थान पर बेचते भी हैं.

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