18 अस्पतालों में 2,52,150 परिवारों का होगा मुफ्त इलाज

भागलपुर : जिले के 2,52,150 परिवार को प्रधानमंत्री जन आरोग्य या आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा. इसके तहत जिले के 18 सरकारी अस्पतालों में परिवार के सदस्यों का मुफ्त इलाज होगा. जिला स्वास्थ्य समिति के जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी धनंजय कुमार ने बताया कि, जिन अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा, उनमें एक […]

भागलपुर : जिले के 2,52,150 परिवार को प्रधानमंत्री जन आरोग्य या आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा. इसके तहत जिले के 18 सरकारी अस्पतालों में परिवार के सदस्यों का मुफ्त इलाज होगा. जिला स्वास्थ्य समिति के जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी धनंजय कुमार ने बताया कि, जिन अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा, उनमें एक सदर अस्पताल, दो अनुमंडलीय अस्पताल, तीन रेफरल अस्पताल, पांच सीएचसी व छह पीएचसी हैं. इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू मेडिकल काॅलेज अस्पताल में भी लाभार्थियों का मुफ्त इलाज होगा.
बता दें कि mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर जिले के परिवार के नाम अपलोड कर दिये गये हैं. नाम नहीं होने पर डाटाबेस में अपना नाम, पिता का नाम, लिंग और पता अंकित करायें. इसके लिये आयुष्मान मित्र से संपर्क कर जरूरी दस्तावेज जमा करना होगा. दस्तावेज में आधार कार्ड, राशन कार्ड व फोटो युक्त सभी सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं. पदाधिकारी ने बताया कि, अभी वैसे परिवार को योजना का पात्र माना गया है, जिनके नाम 2011 के सामाजिक-आर्थिक और जातिगत जनगणना में गरीब के तौर पर चिह्नित किया गया हो. छूटे लोगों को भी योजना में शामिल करने के लिये अभियान चलेगा.
गोल्डन कार्ड के लिए आयुष्मान मित्रों से करेंग संपर्क
जिला स्वास्थ्य समिति का कहना है कि, अबतक योजना के संरचनाओं का विकास नहीं हो पाया है. कार्ड बनाने के लिए 18 चिह्नित अस्पतालों के अलावा कॉमन सर्विस सेंटर से संपर्क करना होगा. एक सप्ताह बाद कार्ड बनाने की तैयारी पूरी कर ली जायेगी. लोगों को अपने पंचायत और प्रखंडों में ही आयुष्मान मित्र व काॅमन सर्विस सेंटर के सहयोग से कार्ड मिलेगा. अधिकारियों ने बताया कि, बीते दो माह में दिन रात एक कर ढाई लाख परिवारों की सूची वेबसाइट पर अपलोड की गयी. अब योजना के संचालन के लिये नयी टीम तैयार होगी.
सिटी स्कैन व एमआरआइ के नहीं लगेंगे पैसे
फिलहाल सरकारी अस्पतालों में भी सभी तरह की बीमारी का इलाज हो रहा है. लेकिन कई दवाइयां, सिटी स्कैन, एमआरआइ, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व अन्य जांच के पैसे लगते थे. जिस अस्पताल में लाभार्थी का इलाज हो रहा हो और ऐसे टेस्ट की जरूरत आ पड़ी तो अस्पताल प्रबंधन निजी जांच केंद्र में सारे टेस्ट करायेंगे. अधिकारी ने बताया कि, योजना के लिये चिह्नित अस्पतालों के अकाउंट में सरकार से इसके पैसे मिल जायेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >