लोग थैला लेकर जा रहे बाजार पॉलीथिन को कहा बाय बाय

भागलपुर : पॉलीथिन से फैल रहे प्रदूषण की बात समझने के बाद लोग जागरूक होने लगे हैं. कुछ लोग घर से कपड़े के थैले लेकर निकलने की आदत डाल रहे हैं, तो कुछ लोग पहले से पॉलीथिन में सामान ले जाना खराब मानते हैं. शहर में लोगों के हाथ में पाॅलीथिन में सामान की बजाय […]

भागलपुर : पॉलीथिन से फैल रहे प्रदूषण की बात समझने के बाद लोग जागरूक होने लगे हैं. कुछ लोग घर से कपड़े के थैले लेकर निकलने की आदत डाल रहे हैं, तो कुछ लोग पहले से पॉलीथिन में सामान ले जाना खराब मानते हैं. शहर में लोगों के हाथ में पाॅलीथिन में सामान की बजाय थैले में सामान ले जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गयी है.
बिहपुर राघोपुर के सूरज कुमार 11वीं में पढ़ता है. उसका कहना है कि पॉलीथिन के इस्तेमाल से हो रही परेशानी को लेकर पाठ्यक्रम में पढ़ते हैं, लेकिन अपनी दिनचर्या में इसे अपना नहीं पाते. एक-एक लोग थैला लेकर जाने लगे, तो पॉलीथिन की फैक्टरी खुद व खुद बंद हो जायेगी. सूरज भी पॉलीथिन की बजाय थैले में सामान लेकर चलते हैं. मायागंज अस्पताल में अपने परिजन से मिलने आये थे. थैले में एक-दो थैला लेकर रखे थे, ताकि पाॅलीथिन का उपयोग नहीं करना पड़े.
दीपनगर के राजीव कुमार प्राय: अपने साथ थैला लेकर चलते हैं. उनका कहना है कि नाले में पॉलीथिन भरने से जलजमाव की समस्या बढ़ती है. गंगा का पानी भी अविरल होने की बजाय स्थिर होने लगा है, जिसमें पॉलीथिन बड़ी भूमिका निभा रहा है. पॉलीथिन के कुप्रभाव को देखते हुए ही थैला में सामान लेने का काम चार वर्षों से कर रहा हूं.

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