भागलपुर : जेएलएनएमसीएच के इएनटी विभाग में एसोसिएशन ऑफ ओटोलॉरिंगोलॉज्ट्सिस ऑफ इंडिया (एओआइ) बिहार-झारखंड की ओर से शनिवार को इएनटी विभाग में लाइव सर्जिकल वर्कशाॅप में दिल्ली, झारखंड, मुंबई के नामी इएनटी विशेषज्ञों ने भाग लिया. आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के बारे में विस्तार से बताते हुए सात मरीजों का लाइव ऑपरेशन किया गया.
वर्कशॉप में सात मरीजों को ऑपरेशन: वर्कशॉप में आये डॉ जसवीर और डॉ डालमिया ने सात मरीजों का ऑपरेशन किया. सर गंगा राम सिटी अस्पताल के राइनोप्लास्टी सर्जन डॉ जसवीर सिंह ने जगदीशपर के सोनू कुमार, अररिया के नानी वर्मा का राइनोप्लास्टी का ऑपरेशन किया. मुंबई के इएनटी चिकित्सक डॉ दीपक डालमिया ने साहिबगंज की शांता कुमारी के नाक के बढ़े मांस, आकाश कुमार के गलफुल्ली,प्रीति के नाक के जरिये आंख के आंसू, शीतल चौरसिया का थायरायड व वंदना के कान के फटे पर्दे का सफल ऑपरेशन किया.
इलाज की नयी तकनीक बता गया कार्यशाला : प्राचार्य: इएनटी लाइव सर्जिकल वर्कशाप का उद्घाटन समारोह में डॉ हेमंत कुमार सिन्हा ने कहा कि कार्यशाला चिकित्सा व्यवस्था को और बेहतर करने में सफल होगा. डॉ आरसी मंडल ने कहा कि इएनटी ऑपरेशन थियेटर को सूबे का बेस्ट ओटी बनाने का प्रयास किया जायेगा. अध्यक्षता डॉ ललित कुमार, तो संचालन डॉ रोमा यादव और डॉ डीपी सिंह ने किया.इएनटी की टॉपर जाकिया नुजहत को किया सम्मानित: एमबीबीएस 2013 बैच की छात्रा जाकिया नुजहत को इएनटी अंतिम परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक हासिल करने पर डॉ एसपी सिंह ने एओआइ गोल्ड मेडल अवार्ड से सम्मानित किया.
मेडिकल कॉलेज के दीक्षांत समारोह में भी उन्हें गोल्ड मेडल दिया जायेगा. चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतत करने वाले 14 चिकित्सकसकों में डॉ दीपक डालमिया, डॉ जसवीर सिंह, डॉ ललित कुमार, डॉ आरसी मंडल, डॉ हेमंत कुमार सिन्हा, डॉ वीके सिंह, डॉ संजीव कुमार, डॉ आरके सिन्हा ,डॉ सलील शर्मा, डॉ त्रिभुवन, डॉ सीबी सिन्हा, डॉ बीबी वाजपेयी, डॉ एसके चौधरी, डॉ अश्विनी कुमार, डॉ उपेंद्र तिवारी को सम्मानित किया गया.
सांस फूल रही है, तो नाक में मांस बढ़ा है
अगर आप कुछ कदम चलते हैं और आपकी सांस फूलने लगती है, तो इसे नजर अंदाज नहीं करें. यह बीमारी आप के नाक से जुड़ी है. संभावना है कि आप के नाक का मांस बढ़ गया हो. उक्त बातें सर गंगा राम सिटी हॉस्पिटल नयी दिल्ली के चिकित्सक डॉ जसवीर सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि यह नोजल एलर्जी बीमारी का लक्षण है.
यह रोग हमारे वातावरण में फैले गैस, धूल, एलर्जी से होता है. पिछले पांच साल से हमारे देश में इस बीमारी के शिकार रोगी की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. ऐसे लक्षण हो, तो चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए. कई लोगों का नाक बचपन से या चोट से टेढ़ा हो जाता है. सांस लेने में परेशानी होती है. इस बीमारी से मरीज तनाव में आ जाते हैं. 20 प्रतिशत से ज्यादा मरीज इस बीमारी से पीड़ित हैं.
