अंकित आनंद
भागलपुर : राज्य में बढ़ते लंबित कांडों की संख्या को लेकर डीजीपी गंभीर है. लंबित कांडों के जल्द निबटारे और निष्पादन के लिये पूर्व में ही निर्देश जारी किये जा चुके हैं, लेकिन अब लंबित कांडों से निपटने के लिये डीजीपी केएस द्विवेदी ने एक नया तरीका अपनाया है. हाल ही जारी किये गये निर्देश में डीजीपी ने राज्य के सभी जिलों के एसएसपी/एसपी को अपने जिलों के प्रत्येक थाने में प्रतिदिन लंबित कांडों में प्रतिवेदित कम से कम एक वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के निर्देश दिये हैं.
बता दें कि डीजीपी द्वारा लंबित कांडों में गिरफ्तारी के आंकड़ों की समीक्षा में संतोषजनक गिरफ्तारी नहीं पायी गई है. डीजीपी द्वारा बार-बार इस संबंध में स्मारित किये जाने के बावजूद लंबित कांडों में प्रतिवेदित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है. इसका प्रभाव अपराध और विधि-व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. डीजीपी ने इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा है कि, हत्या, डकैती, लूट, अपहरण, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम आदि के अंतर्गत लंबित कांडों में प्रत्येक थाना में प्रतिदिन कम से कम एक वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी को प्राथमिकता के आधार पर किया जाये.
इसके अलावा डीजीपी ने सभी जिले के एसएसपी/एसपी को अपने अधीनस्थ क्षेत्रीय पदाधिकारियों को लंबित कांडों में प्रत्येक दिन होने वाली गिरफ्तारियों को सुनिश्चित करने के लिये उत्तरदायी बनाने का भी निर्देश दिया है. वहीं इस संबंध में शिथिलता और उदासीन रवैया अपनाने वाले पुलिस पदाधिकारियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध किये गये अनुशासनिक कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध करवाने का सख्त निर्देश दिया है.
जोनल आइजी ने लंबित मामलों पर जतायी नाराजगी
बता दें कि, एक माह पूर्व ही भागलपुर जोनल आइजी सुशील मानसिंह खोपड़े ने जोन के सभी नौ जिलों में लंबित कांडों के निबटारे के लिये सख्त निर्देश दिये थे. वहीं उन्होंने खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, बांका और जमुई जिला के लंबित कांडों पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी जिलों को प्रत्येक माह दस प्रतिशत लंबित कांडों के निष्पादन के निर्देश दिये थे.
