भागलपुर : नौकरी न मिलने से परेशान होकर एक युवक ने रात में सोने से पहले अपनी मां से जहर मांगा, फिर घर के सभी सदस्यों के सो जाने के बाद फंदा लगाने का प्रयास करने लगा, तो लोहे की पाइप ही टेड़ी हो गयी. बाद में युवक ने बांस के सहारे गमछे का फंदा बनाया और उससे लटक कर आत्महत्या कर ली. घटना बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित नूरपुर कोयरी टोला लेन की है. शुक्रवार की सुबह संदीप कुमार (32) का शव फंदे से लटकता मिला.
परिजनों ने शव को फंदे से उतारने से पहले इस बात की जानकारी पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही शव को फंदे से उतारा गया. पिता के दिये गये बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में यूडी केस दर्ज कर लिया है. मृतक के पिता जेएलएनएमसीएच के मेडिसिन विभाग में वरीय लिपिक पद से सेवानिवृत्त हुए जर्नादन प्रसाद यादव ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे संदीप ने डिप्रेशन में आकर अपनी मां से कहा था कि उसे जहर लाकर दे दे, वह जीना नहीं चाहता है, उसे मुक्ति चाहिए. इसके बाद गुरुवार रात ही करीब दस बजे सभी खाना खाकर सोने चले गये.
संदीप भी निर्माणाधीन घर के पहले तल पर बरामदे पर सोने के लिए चला गया. सुबह करीब पांच बजे पिता पहले तल पर पहुंचे, तो संदीप को कमरे में खड़ा देखा, तो उसे कहा कि खड़ा क्यों है. कोई भी जवाब नहीं मिलने पर जब वह कमरे में घुसे, तो देखा कि संदीप कमरे के दीवार पर लगे से बांस में गमछे के फंदे से लटक रहा है. इसके बाद उन्होंने इस बात की सूचना पुलिस को दी.
एक महीने पहले ही तय हुई थी शादी
मोहल्ले के ही रहने वाले संदीप के करीबियों ने बताया कि संदीप नौकरी नहीं मिलने और मानसिक बीमारी की वजह से परेशान था. वहीं एक माह पूर्व ही उसकी शादी तय हुई थी. लेकिन, नौकरी मिलने तक वह शादी नहीं करना चाहता था. पिता ने बताया कि कोई काम नहीं करने की वजह से उनके सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले पेंशन के पैसों का लेखा-जोखा संदीप ही रखता था.
संदीप खुद अपने घर का निर्माण करा रहा था. वहीं वर्ष 2010 में एक सड़क दुर्घटना में संदीप के सिर पर गहरी चोट आयी थी. इसके बाद से मानसिक बीमारी से ग्रसित हो गया. उसका डिप्रेशन और मानसिक रोग का इलाज भागलपुर के ही एक मानसिक रोग विशेषज्ञ से कराया जा रहा था. पिता ने बताया कि संदीप का बड़ा भाई बीएसएफ का जवान है और वर्तमान में गुजरात में उसकी प्रतिनियुक्ति है.
