भागलपुर में पॉलीथिन रोकता है नालों की रफ्तार, बेफिक्र बना है निगम

भागलपुर : नालों में पॉलीथिन भरे होने के कारण भागलपुर शहर में नाले का पानी सड़क पर बहता है. लोग परेशान रहते हैं. बावजूद इसके नगर निगम को इस बात की कोई फिक्र नहीं रहती. अब हाइकोर्ट ने ही राज्य सरकार को कहा है कि वह पूरे राज्य में पॉलीथिन के निर्माण और उसके उपयोग […]

भागलपुर : नालों में पॉलीथिन भरे होने के कारण भागलपुर शहर में नाले का पानी सड़क पर बहता है. लोग परेशान रहते हैं. बावजूद इसके नगर निगम को इस बात की कोई फिक्र नहीं रहती. अब हाइकोर्ट ने ही राज्य सरकार को कहा है कि वह पूरे राज्य में पॉलीथिन के निर्माण और उसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए जल्द कानून बनाकर उसे लागू करे.
शहर को पॉलीथिन से मुक्त करने का नगर निगम ने पिछले वर्ष 20 जुलाई को आयोजित सामान्य बोर्ड की बैठक में दोबारा निर्णय लिया था. लेकिन निगम एक बार फिर अपने ही निर्णय को भूल गया. महापौर ने दावा किया था कि इस बार व्यापक पैमाने पर वार्डों में पॉलीथिन के विरुद्ध अभियान चलाया जायेगा. शहर के लोगों से पॉलीथिन के इस्तेमाल न करने पर संकल्प दिलाया जायेगा.
पॉलीथिन से शहर बदसूरत
घर-घर में पॉलीथिन का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है. गंदगी की वजह से देश के 100 स्वच्छ शहरों में भागलपुर अपना स्थान नहीं ले पा रहा है. फिर भी नगर निगम प्रशासन इससे मुक्ति दिलाने के लिए सिर्फ निर्णय ही लेता है. निर्णय लेने के बाद दोबारा इस पर चर्चा तक नहीं होती.
पहले भी लिया गया था फैसला
नगर निगम में पूर्व मेयर दीपक भुवानियां व पूर्व डिप्टी मेयर डॉ प्रीति शेखर के कार्यकाल में भी शहर को पॉलीथिन मुक्त करने का निर्णय लिया गया था. लेकिन यह निर्णय फाइलों में ही दब कर रह गया. नगर निगम का एक भी अधिकारी या कर्मचारी किसी को पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक तक लगाने के लिए नहीं कहा. यही नहीं, कोई भी वार्ड पार्षद यह गौरव हासिल नहीं कर सका कि उनका वार्ड प्लास्टिक फ्री जोन है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >