डेढ़ घंटे पीए पर अटका रहा मामला मेयर की पसंद रेहान, नहीं माने श्रीमान

भागलपुर : सोमवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक में डेढ़ घंटे तक पीए का मामला अटका रहा. इसमें मेयर सीमा साहा की पसंद रेहान थे. इसे नगर आयुक्त ने यह कह कर नकार दिया कि उनकी क्षमता का बड़े कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जायेगा. सशक्त स्थायी समिति की बैठक में कभी नरम तो […]

भागलपुर : सोमवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक में डेढ़ घंटे तक पीए का मामला अटका रहा. इसमें मेयर सीमा साहा की पसंद रेहान थे. इसे नगर आयुक्त ने यह कह कर नकार दिया कि उनकी क्षमता का बड़े कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जायेगा. सशक्त स्थायी समिति की बैठक में कभी नरम तो कभी गरम माहौल दिखा. हालांकि विकास के मुद्दे पर एका बनी रही.
बिजेंद्र बाबू मेरी बात आप तक नहीं पहुंचाते : मेयर, जैसे ही नगर आयुक्त ने बिजेंद्र प्रसाद का सलाहकार के रूप में नाम लिया तो मेयर ने विरोध जताया और कहा कि उम्र में बड़े होने के कारण बिजेंद्र बाबू का सम्मान करती हूं. वे आपकी बात तो हम तक पहुंचा देते हैं, लेकिन मेरी बात आप तक नहीं पहुंचाते. उल्टे कहते हैं कि दोनाें मिल कर रहिए. इस पर नगर आयुक्त ने चुटकी लेते हुए कहा कि रेहान पहुंचाता था ना. फिर मेयर बोलीं- छह माह से कैसे काम कर रहे हैं, हम जान रहे हैं.
जो प्रस्ताव पास हुआ, उस पर ही करूंगा साइन : नगर निगम सशक्त स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता मेयर सीमा साहा ने की. उन्होंने बैठक में रखे जाने वाले प्रस्ताव के लिए डिप्टी मेयर राजेश वर्मा को अधिकृत किया. डिप्टी मेयर ने प्रस्ताव संख्या एक में बैठक की कार्यवाही को लेकर लिये गये निर्णय के अनुपालन पर समीक्षा के साथ चर्चा की और कहा कि इसकी संपुष्टि हो. इस पर नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा ने कहा कि जो भी प्रस्ताव पास हुआ है, उसी पर साइन किया है. परिवर्तन करने के बाद के लिए जिम्मेदार नहीं हूं. मेयर साहिबा ने लिखा कि यदि राशि आयेगी तो हमसे बात किया जाये और अनुमोदन कराया जाये. क्या आप बोर्ड से सुपिरियर हो गये. योजना से संबंधित जो भी प्रस्ताव आता है, राशि उपलब्धता पर ही स्वीकृति ली जाती है.
हर माह निगम के आय-व्यय का प्रस्तुत करें लेखा-जोखा : स्थायी समिति के सदस्यों ने कहा कि नगर आयुक्त हर माह नगर निगम के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करें. नगर आयुक्त ने कहा कि यह संभव नहीं है. क्वार्टरली आय-व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत किया है. इस पर डिप्टी मेयर राजेश वर्मा ने कहा कि केवल खर्च के बारे में बताया गया, न कि कहां किस मद से, किस योजना से किस कंपनी के तहत खर्च किया गया. विस्तृत जानकारी नहीं दी गयी. इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि भारत सरकार का जो फॉर्मेट है, उसी के अनुसार लेखाजोखा दे रहा हूं.
जैन मंदिर की ली सुधी, छह की तैनाती : तीन वर्षों से शहर का बड़ा कोढ़ बना जैन मंदिर के सामने का नाला को लेकर बैठक में गंभीरता से उठाया गया. इसमें नगर आयुक्त ने कहा कि मामला हाइकोर्ट में है. जाे भी निर्णय होगा, नाला निर्माण की दिशा में होगा. फिलहाल गंदगी व गंदे पानी को साफ करने के लिए छह सफाईकर्मी नियुक्त किया जाता है. इसके लिए स्वास्थ्य शाखा को निर्देश जारी कर दिया जायेगा.
चेंबर में एसी खराब, पानी नहीं, टीवी भी बेकार, भड़कीं मेयर, कहा : मेयर भाड़ में जाये, कर्मी ऐश करे, यही चलता है : मेयर के चेंबर की एसी में बराबर खराबी रहती है, जो पूरे कमरे को ठंडा नहीं रख पाता है. इसके लिए मेयर ने एसी को पूरी तरह से बंद कर दिया. बैठक में मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त समेत सदस्य पसीना-पसीना थे. एसी की चर्चा होते ही मेयर सीमा साहा ने कहा कि मेयर साहब भाड़ में जाये, सभी कर्मचारियों के कमरे में एसी रहे. पानी की कमी है. इस पर नगर आयुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पांच दिन का समय दीजिए निजी तौर इसे दुरुस्त करा देंगे.
नंदू झा, मनोहर मांझी व प्रभाष सिंह का कार्यकाल खारिज : नंदू झा, मनोहर मांझी व प्रभाष सिंह के कार्यकाल को बढ़ाना था. समिति की बैठक में चर्चा के बाद उनके कार्यकाल को खारिज कर दिया गया. बाद में जरूरी होने पर देखा जायेगा.
कार्यालय से योेजना का नहीं आये प्रस्ताव : स्थायी समिति के सदस्यों ने कहा कि कार्यालय से किसी तरह की योजना का प्रस्ताव नहीं आना चाहिए. जनहित से जुड़े चाहे जिला प्रशासन का हो या अन्य सभी मामले पर निर्णय लिया जायेगा.
ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रशासनिक नियंत्रण का हिस्सा
स्थायी समिति की बैठक में जब सदस्यों ने कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर चर्चा की तो नगर आयुक्त ने कहा कि यह प्रशासनिक नियंत्रण का हिस्सा है. इसे हमारे तक ही सीमित रहने दें. हालांकि बाद में यह भी कहा कि कर्मचारियों के मामले पर विस्तृत चर्चा की जरूरत है. प्रशासनिक मामला नियम संगत करेंगे. इसे आज ही किया जायेगा. लेकिन मेयर को अपनी निजी काम से निकलना पड़ा और बैठक को समाप्त कर दिया गया.
बदली-बदली दिखीं मेयर
स्थायी समिति की बैठक में मेयर बदली-बदली सी दिखीं. वे अपने चेहरे को सामान्य बनाये रखने का प्रयास करती रहीं और बैठक के दौरान मुखर दिखीं. अपने अधिकार की बात हो या जनहित की बातें, सभी पर खुल कर चर्चा की.
हो चुके हैं बदनाम अब ताे एका बनायें : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त ने कहा कि जिस तरह आज की बैठक में किसी मुद्दे पर चर्चा हो रही है, उसी तरह से पहले से होती तो इतना कुछ होता क्या. शहर में हमलोग बदनाम हो चुके हैं. अब भी विकास के लिए एका होने की जरूरत है.
कई बातें मीडिया में सार्वजनिक नहीं की जाये
नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम के लिए कई बातें ऐसी होती है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जाये. मीडिया में बात आने से भी एकता पर असर पड़ता है. हालांकि मीडिया के सम्मान करने पर भी चर्चा हुई.
स्थायी समिति की बैठक में इन्होंने लिया हिस्सा
मेयर राजेश वर्मा, नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा, स्थायी समिति सदस्य संजय सिन्हा, निशा दुबे, संध्या गुप्ता, सबीहा रानू, नजमा खातून आदि उपस्थित थे.
अब शहर में दिखेगा िवकास : डिप्टी मेयर
डिप्टी मेयर राजेश वर्मा ने बैठक में नगर आयुक्त, मेयर व स्थायी समिति सदस्यों के बीच सामंजस्य स्थािपत करते हुए कहा कि िवकास के मामले में किसी तरह का विवाद नहीं है. सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार हो रहा है, सभी एक है.
आज फाइनल कर दें पीए देना है या नहीं : मेयर
जैसे ही प्रस्ताव संख्या तीन में मो रेहान को महापौर का पीए नियुक्त करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गयी तो नगर आयुक्त ने प्रशासनिक नियम का हवाला देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देश में प्रशासनिक नियंत्रण भी है. जो मेरे कर्मचारी हैं, उसकी जिम्मेदारी मेरी है. आपका नियंत्रण पार्षद पर है. महापौर का पीए कौन सा पद है. इस पर बेहद नाराज मेयर सीमा साहा ने कहा कि आज फाइनल कर दें, पीए देना है या नहीं. पार्षद संजय सिन्हा ने कहा कि 2002 से मेयर को पीए दिया जा रहा है.
ठीक है पीए नहीं मिले, सलाहकार ही दिया जाये.राबड़ी देवी को भी मिला था सलाहकार : डिप्टी मेयर, इधर डिप्टी मेयर राजेश वर्मा ने नरमी बरतते हुए कहा कि विवाद से हट कर बोल रहे हैं. आपका सब पर नियंत्रण है. मेयर व डिप्टी मेयर को कोई पीए की जरूरत नहीं है. मेयर घरेलू महिला हैं. राबड़ी देवी मुख्यमंत्री बनी थीं, तो सलाहकार मिला था. उसी तरह सलाहकार दे दीजिए. जब नगर आयुक्त ने कहा- रेहान ही क्यों. इस पर डिप्टी मेयर ने कहा कि आदित्य जायसवाल को ही सलाहकार बना दिया जाये. तब नगर आयुक्त ने कहा कि तीन कर्मचारी का नाम दिया जायेगा. इसमें चुन लिया जाये.

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