पटलबाबू रोड से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच एनएच 80 का निर्माण ठप

भागलपुर : जेल रोड से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच एनएच 80 की रोड का निर्माण पिछले पांच दिनों से ठप है. ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान ही के��ल सड़क बनती रही. इसके बाद आठ अगस्त से काम बंद है. रोड का निर्माण कराने के लिए मौसम अनुकूल है मगर, सब कुछ छोड़ कर अभी केवल फ्लैक […]

भागलपुर : जेल रोड से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच एनएच 80 की रोड का निर्माण पिछले पांच दिनों से ठप है. ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान ही केवल सड़क बनती रही. इसके बाद आठ अगस्त से काम बंद है. रोड का निर्माण कराने के लिए मौसम अनुकूल है मगर, सब कुछ छोड़ कर अभी केवल फ्लैक को तोड़ कर रोड लेवल से इसे नीचे किया जा रहा है.
रविवार को झुरखुरिया मोड़ से रानी तालाब के बीच केवल एक जगह पर ग्रेडर मशीन से फ्लैंक का लेवल रोड से नीचे किया जा रहा था. इसके अलावा कोई काम नहीं हो रहा था. कार्य की प्रगति एेसी ही रही तो फिर कार्यावधि में सड़क नहीं बन सकेगी. जबकि, अभी पटलबाबू रोड से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच जहां कही भी अलकतरा वाला हिस्सा है, उन सभी जगहों पर सड़क का निर्माण होना बाकी है. ठेकेदार को सड़क बनाने के लिए तीन माह का समय मिला है और बरसात का मौसम बीतने के साथ ही यह पूरा हो जायेगा. रोड का निर्माण लगभग 3.11 करोड़ से हो रहा है.
जेल रोड को उखाड़ कर बनाने का केवल दावा, हकीकत में कोई काम नहीं. जेल रोड के उखड़ने पर एनएच विभाग ने इसे उखाड़ कर फिर से बनवाने का दावा किया. इस दावे की हकीकत अभी यह है कि जेल रोड में कोई काम नहीं हो रहा है. टूटी सड़क से दुर्घटना की संभावना बनी है. वाहन अनियंत्रित होकर एक-दूसरे से टकरा रही है. कुछ दिन पहले हवाई अड्डा के गेट के सामने एक ट्रक अनियंत्रित हाेकर होर्डिंग के खंभे जा टकराया था. इस सड़क पर दुर्घटनाएं रोज होती हैं.
सांसद के प्रधानमंत्री से मिलने का भी नहीं पड़ रहा कोई ज्यादा फर्क. एनएच 80 की रोड को लेकर हाल के कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री से सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल मिले थे मगर, इसका कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है. जबकि सांसद ने सबौर से शहर तक का पैदल मार्च तक किया था. हालांकि, जो गड्ढों में तब्दील सड़क था वह अभी केवल चलने लायक बनी है. चकाचक सड़क बनाने की दिशा में काम ठप है.
जेल रोड से इंजीनियरिंग कॉलेज तक धूल ही धूल
जेल रोड से लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक ऐसी सड़क बनायी गयी है कि सांसें रोक कर गुजरने को विवश होना पड़ रहा है. वाहनों के चलने से धूल उड़ रही है. टूटी और धूल भरी रोड से छुटकारा नहीं मिल रहा है. धूल के गुबार को देख कर लगता है मानो कहीं आग लगी है, जिससे धुआं उठ रहा है. राहगीरों को सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है. जेल रोड से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच की हवा धूल के साथ इतनी जहरीली होती जा रही है की उसमें सांस लेना भी घातक होता जा रहा है. सड़कों पर निकले नुकीले पत्थर और छर्री के कारण गाड़ी धीरे धीरे चलती है.

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