पिछले 10 वर्षों में सबसे कम औसत बारिश

सबौर : मौसम की बेरुखी से खेत सूख चुके हैं. नयी तकनीक और नये प्रभेद की फसल पर बात भले होती रहे लेकिन बारिश का कोई विकल्प नहीं है. पिछले दस वर्ष में न्यूनतम बारिश का रिकार्ड टूटता दिख रहा है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर अंतर्गत ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र […]

सबौर : मौसम की बेरुखी से खेत सूख चुके हैं. नयी तकनीक और नये प्रभेद की फसल पर बात भले होती रहे लेकिन बारिश का कोई विकल्प नहीं है. पिछले दस वर्ष में न्यूनतम बारिश का रिकार्ड टूटता दिख रहा है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर अंतर्गत ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार का कहना है कि 23 जुलाई तक बारिश के आसार दिख रहे हैं. लेकिन अभी तक कई बार मौसम ने पूर्वानुमान को गलत साबित किया है.
पिछले 10 वर्षों में औसत बारिश का हाल: विगत 10 वर्षों में जुलाई माह में बारिश होने का एवरेज 271 एमएम रहा है. जबकि इस बार के जुलाई माह में अब तक मात्र 112 एमएम ही बारिश हुई है. जनवरी से जुलाई तक का एवरेज 656 एमएम का रहा है. लेकिन इस बार जनवरी से अब तक मात्र 376.2 एमएम ही बारिश हुई है. जबकि झारखंड व ओडिशा में अच्छी बारिश हो रही है.
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