गांव घूसै नी दहु तब नै पता चलतै कि हम्मे सनी कैसे रहै छियै

जगदीशपुर : गरीबों महादलितों के इस टोले में प्रखंड स्तर के पदाधिकारी भी नहीं जाते थे, वहां बड़े अफसरों के पहुंचने पर लोगों में विकास को लेकर एक उम्मीद दिखायी पड़ी. पूर्व मुख्य सचिव कनकैथी पहुंचे तो पूछा कि बीमार और प्रसूति महिलाएं डिलिवरी के लिए कहां जाती हैं. लोगों ने बताया कि प्रसव के […]

जगदीशपुर : गरीबों महादलितों के इस टोले में प्रखंड स्तर के पदाधिकारी भी नहीं जाते थे, वहां बड़े अफसरों के पहुंचने पर लोगों में विकास को लेकर एक उम्मीद दिखायी पड़ी. पूर्व मुख्य सचिव कनकैथी पहुंचे तो पूछा कि बीमार और प्रसूति महिलाएं डिलिवरी के लिए कहां जाती हैं. लोगों ने बताया कि प्रसव के लिए जगदीशपुर पीएचसी नहीं जा पाते हैं, क्योंकि चांदन नदी पर पुल नहीं है.
इससे बेहतर भागलपुर है. पुल की समस्या पर अंजनी कुमार गंभीर नजर आये. उन्होंने समस्या को नोट करने को कहा. कनकैथी जाने के लिए लक्ष्मीनिया पुल से जैसे काफिला नीचे उतरा कि कीचड़ भरे सड़कों पर गाड़ी चलाने में अफसर के चालक को भी दिक्कत हुई.
पूर्व मुख्य सचिव ने जब कनकैथी स्कूल जाने की इच्छा जतायी और स्कूल के लिए निकले तो कुछ ग्रामीण बोले कि गांव घुसी के देखौ नी तब नी पता चलतौ की सड़क कत्ते खराब छै, हम सब यहां केना रहै छियै. स्कूल से लौटने के क्रम में अधिकारियों की गाड़ी फंस ही गयी जिसे निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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