नवगछिया : भवानीपुर ओपी थाना क्षेत्र के बलहा गंगा घाट से चार अप्रैल को बरामद हुआ नरकंकाल बलहा गांव निवासी रमन सिंह के पुत्र मिट्ठू का था या नहीं, इसपर अभी भी संशय बरकरार है. इस मामले में पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है. वर्तमान में चार आरोपित नवगछिया उपकार में बंद हैं. हालांकि मिट्ठू के परिजनों ने नरकंकाल की शिनाख्त उसके कपड़ों के आधार पर किया था.
डीएनए टेस्ट के लिए माता-पिता का लिया ब्लड सैंपल
नवगछिया : भवानीपुर ओपी थाना क्षेत्र के बलहा गंगा घाट से चार अप्रैल को बरामद हुआ नरकंकाल बलहा गांव निवासी रमन सिंह के पुत्र मिट्ठू का था या नहीं, इसपर अभी भी संशय बरकरार है. इस मामले में पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है. वर्तमान में चार आरोपित नवगछिया उपकार में बंद […]

नवगछिया व्यवहार न्यायालय में सुनवाई के दौरान इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है. अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम) ओम सागर की अदालत से पुलिस को मिले आदेश के बाद शुक्रवार को मिट्ठू के माता-पिता का डीएनए सैंपल लिया गया. न्यायिक पदाधिकारी ओम सागर की उपस्थिति में नवगछिया अनुमंडल अस्पताल से आयी मेडिकल टीम ने मिट्ठू की मां नीतू देवी व पिता रमन सिंह का ब्लड सैंपल लिया. सैंपल पटना स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जायेगा.
भवानीपुर ओपी प्रभारी जयंत प्रकाश ने बताया कि 16 अप्रैल को थाना क्षेत्र से एक नरकंकाल को पुलिस ने बरामद किया था. बलहा निवासी रमन सिंह ने उसकी पहचान अपने बेटे मिट्ठू कुमार के रूप में की थी. मिट्ठू कुमार के पिता रमन सिंह ने भवानीपुर ओपी में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराते हुए चार लोगों को नामजद आरोपित बनाया था. थानाध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में सभी नामजद अभियुक्त न्यायिक हिरासत में नवगछिया उपकारा में हैं. न्यायालय में सुनवाई के दौरान नरकंकाल एवं मिट्ठू के माता पिता का ब्लड सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए आदेश किया था. न्यायालय के आदेश पर मिट्ठू के माता-पिता का ब्लड सैंपल लिया गया है. जिसे डीएनए टेस्ट के लिए पटना विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जायेगा. डीएनए रिपोर्ट आने के बाद नर कंकाल के डीएनए से उसका मैच कराया जायेगा और यह पता लगाया जायेगा कि बरामद नरकंकाल मिट्ठू का ही था या किसी और का.
शव बरामद होने पर सामने आयी थी बात : चार अप्रैल को बलाहा गंगा घाट पर जब नरकंकाल की बरामदगी होने पर इलाके में सनसनी फैल गयी थी. रमन सिंह का पुत्र मिट्ठू कई दिनों से लापता था. इसलिए वह गंगा घाट पर पहुंचा. रमन सिंह और मिट्ठू के अन्य परिजनों ने कपड़े और अन्य सामग्रियों के आधार पर कहा कि यह नरकंकाल मिट्ठू का ही है. बात सामने आयी थी कि गलत संगत में रहने के कारण मिट्ठू की जान चली गयी. हत्यारों ने पहले मिट्ठू को विश्वास में लेकर उसे अपना मोबाइल दिया और फिर उसी मोबाइल पर कॉल करके मित्रों को बुलाया और उसकी हत्या कर शव गंगा में फेंक दिया. हय भी कहा जा रहा है कि मिट्ठू के पिता के साथ मिट्ठू के दोस्तों का विवाद हो गया था, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गयी.