मगरमच्छ के खौफ के बीच ग्रामीणों ने श्रमदान से बनाया 50 फीट लंबा बांस का पुल

बगहा के सिरसिया गांव में भपसा नाला पर लगातार मगरमच्छ हमलों से ग्रामीण दहशत में थे। प्रशासन के इंतजार में बैठे रहने के बजाय, ग्रामीणों ने श्रमदान और चंदा जुटाकर 50 फीट लंबा बांस का चचरी पुल तैयार कर लिया है। यह पुल अब किसानों के लिए खेतों तक पहुंचने का एकमात्र सुरक्षित रास्ता बन गया है।

Bagaha News: बगहा पुलिस जिला के नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव में भपसा नाला पर लगातार मगरमच्छ हमलों के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय खुद पहल की. ग्रामीणों ने श्रमदान और चंदा जुटाकर करीब 50 फीट लंबा तथा तीन फीट चौड़ा बांस का चचरी पुल तैयार कर दिया. यह पुल अब गुलरिया सरेह स्थित खेतों तक आने-जाने वाले किसानों के लिए अस्थायी जीवनरेखा बन गया है.

आठ दिनों में दो मगरमच्छ हमलों से दहशत

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले आठ दिनों में भपसा नाला में मगरमच्छ के दो बड़े हमले हुए. पहले हमले में सिरसिया निवासी किसान केदार बैठा की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई थी. ग्रामीणों के अनुसार चार दिनों तक चले खोज अभियान के बाद उनका शव बरामद किया गया.

इसके बाद धान की सोहनी करने जा रही बासमती देवी पर भी मगरमच्छ ने हमला कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि महिला का पैर मगरमच्छ ने अपने जबड़े में दबोच लिया था. शोर सुनकर पति जितेंद्र मांझी और अन्य ग्रामीण कुदाल व डंडा लेकर पहुंचे और महिला को बचाया. हमले में महिला के पैर और जांघ में गंभीर चोटें आईं, जिनका इलाज चल रहा है.

100 से अधिक बांस से तैयार किया गया पुल

लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लेकर चंदा और श्रमदान के जरिए पुल का निर्माण कराया. ग्रामीणों के अनुसार पुल बनाने में 100 से अधिक बांस का उपयोग किया गया. इस अस्थायी पुल से सिरसिया, बेलहवा समेत आसपास के गांवों के लोगों को बरसात के दौरान अपेक्षाकृत सुरक्षित आवागमन का रास्ता मिला है.

बीडीसी उपेंद्र यादव ने बताया कि मगरमच्छ के कारण किसानों का खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया था. इसलिए ग्रामीणों ने मिलकर पुल का निर्माण कराया. पुल निर्माण में राजेंद्र यादव, विनोद कुशवाहा, सत्यनारायण यादव, गुड्डू कुमार, कमरुद्दीन मियां समेत दर्जनों ग्रामीणों ने श्रमदान किया.

स्थायी पुल और सुरक्षा व्यवस्था की उठी मांग

ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से हमलावर मगरमच्छ को पकड़ने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने तथा भपसा नाला सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. उनका कहना है कि बरसात के दिनों में मगरमच्छों की सक्रियता बढ़ जाती है, इसलिए चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, निगरानी दल और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जानी चाहिए.

50 वर्षों से अधूरी है सिरसिया-बेलहवा सड़क

ग्रामीणों ने बताया कि बगहा-दो प्रखंड अंतर्गत सिरसिया-बेलहवा कच्ची सड़क का निर्माण करीब 50 वर्षों से अधूरा है. उनका कहना है कि तिरहुत नहर पर पुल बनने के बावजूद सड़क का निर्माण नहीं हुआ, जबकि भपसा नदी की पुलिया भी बाढ़ में बह चुकी है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर चुनाव में सड़क निर्माण का वादा किया जाता है, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ. उन्होंने सड़क और स्थायी पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है.


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By Jay prakash verma

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