Valmikinagar Bus Stand: पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर का गोल चौक बस स्टैंड आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है. प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक बसों का संचालन और सैकड़ों यात्रियों की आवाजाही के बावजूद यहां शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं है. भीषण गर्मी और उमस में बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है.
हर दिन सैकड़ों यात्रियों की आवाजाही
यह बस स्टैंड वाल्मीकिनगर, बगहा और आसपास के ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाला प्रमुख परिवहन केंद्र है.
रोजाना यहां से छात्र, नौकरीपेशा लोग, पर्यटक, महिलाएं और बुजुर्ग यात्रा करते हैं, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं अब भी अधूरी हैं.
सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को
तेज धूप और उमस के बीच लंबे समय तक बस का इंतजार करने वाले यात्रियों, खासकर छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत होती है.
पीने के पानी की सुविधा नहीं होने से लोगों को आसपास के इलाकों में पानी तलाशना पड़ता है.
जर्जर हो चुका है यात्री शेड
करीब दो दशक पहले बनाया गया यात्री प्रतीक्षालय (शेड) अब जर्जर हो चुका है.
शेड की छत और दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं. बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. वहीं शौचालय, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है.
बरसात के मौसम में यह जर्जर शेड यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता का कारण बना हुआ है.
स्थानीय लोगों ने उठाई मांग
समाजसेवी अमित सिंह ने कहा कि वाल्मीकिनगर का यह बस स्टैंड पर्यटन नगरी का प्रवेश द्वार है, लेकिन यहां की बदहाल व्यवस्था प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है.
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने जिला प्रशासन से बस स्टैंड पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, यात्री शेड की मरम्मत, शौचालय और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है.
उनका कहना है कि इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से प्रतिदिन आने-जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को राहत मिलेगी और वाल्मीकिनगर की पर्यटन छवि भी मजबूत होगी.
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