Bettiah News: पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. एयरपोर्ट टर्मिनल निर्माण के लिए आवश्यक 7 एकड़ भूमि का अधिग्रहण जिला प्रशासन ने पूरा कर लिया है. इसके साथ ही लंबे समय से प्रतीक्षित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है और जल्द कार्य में तेजी आने की उम्मीद है.
टर्मिनल निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट टर्मिनल निर्माण के लिए आवश्यक 7 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने के बाद यह परियोजना पश्चिम चंपारण के विकास में मील का पत्थर साबित होगी.
500 करोड़ की परियोजना को मिली स्वीकृति
जानकारी के अनुसार राज्य के सिविल एविएशन विभाग ने परियोजना से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं. एयरपोर्ट निर्माण के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है. टर्मिनल सहित पूरे एयरपोर्ट का निर्माण करीब 303 एकड़ भूमि में किया जाएगा.
सिविल एविएशन विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवरे ने बताया कि वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के साथ रक्सौल एयरपोर्ट परियोजना के लिए भी लगभग 1200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है.
बिहार और उत्तर प्रदेश से बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी
प्रस्तावित वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है. एयरपोर्ट शुरू होने के बाद पटना, दरभंगा, गोरखपुर समेत बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों की सुविधा मिलने की संभावना है. शुरुआती चरण में 18 से 40 सीट क्षमता वाले छोटे विमानों के संचालन का प्रस्ताव है, जिसे बाद में मांग के अनुसार विस्तारित किया जाएगा.
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
वाल्मीकिनगर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के बीच विशेष पहचान रखता है. एयरपोर्ट बनने से पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी. साथ ही होटल, परिवहन, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है.
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