बेतिया . नगर निगम सभागार में शुक्रवार को आयोजित सामान्य बोर्ड बैठक गहमागहमी और तीखी नोकझोंक के बीच शुरू हुई और देर शाम तक चलती रही. बैठक की अध्यक्षता महापौर गरिमा देवी सिकरिया ने की। मौके पर उपमहापौर गायत्री देवी, नगर आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, उप नगर आयुक्त शाहिद सहित सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे. पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल और विधान पार्षद सौरभ कुमार भी बैठक में पहुंचे और योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन पर जोर दिया. बैठक शुरू होते ही वार्ड पार्षद एनामुल हक ने विकास योजनाओं में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ वार्डों की योजनाएं जानबूझकर रोकी जा रही हैं. इस पर सांसद और एमएलसी बीच-बचाव करते नजर आए, जबकि महापौर ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया. इसके बाद गत बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति की बैठकों की संपुष्टि को लेकर बहस शुरू हो गई, जो दोपहर से शाम तक खिंचती रही. कुछ पार्षद पहले नई योजनाओं पर चर्चा की मांग कर रहे थे, जबकि कुछ नियम के अनुसार पहले संपुष्टि कराने पर अड़े थे. इसी को लेकर सदन में आरोप-प्रत्यारोप और शोरगुल बना रहा। शाम सात बजे तक भी संपुष्टि पूरी नहीं हो सकी थी. गौरतलब है कि इससे पहले कोरम के अभाव और पार्षदों के हो-हल्ला के कारण लगातार दो बैठकें स्थगित हो चुकी थीं. करीब 25 पार्षदों ने पहले ही महापौर को पत्र भेजकर विशेष बैठक बुलाने की मांग की थी. पत्र में डस्टबिन वितरण, कंबल बांटने, वार्ड कार्यालयों को लैपटॉप-प्रिंटर देने और लंबित योजनाओं पर चर्चा की मांग की गई थी. कुल मिलाकर बैठक में विकास योजनाओं की गति, पारदर्शिता और सभी वार्डों को समान अवसर मिलने का मुद्दा केंद्र में रहा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
