Valmiki Tiger Reserve: मानसून के कारण वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में पर्यटन गतिविधियां बंद होते ही जंगल की रौनक थम गई है. इसके साथ ही पर्यटकों को जंगल की सैर कराने वाले 27 नेचर गाइड और आधा दर्जन से अधिक सफारी चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. अगले तीन महीनों तक इनकी आय लगभग पूरी तरह प्रभावित रहेगी.
अक्टूबर से जून तक चलता है पर्यटन सत्र
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में हर वर्ष अक्टूबर से जून तक पर्यटन सत्र संचालित होता है. इस दौरान देश-विदेश से आने वाले पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेते हैं.
नेचर गाइड पर्यटकों को वन्यजीवों, जैव विविधता और जंगल की विशेषताओं की जानकारी देते हैं, जबकि चालक सफारी वाहनों का संचालन करते हैं. इन दोनों वर्गों की आय पूरी तरह पर्यटन गतिविधियों पर निर्भर रहती है.
मानसून में सुरक्षा के लिए बंद रहता है जंगल
हर वर्ष मानसून के दौरान वन्यजीवों के प्रजनन काल और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगभग तीन महीने के लिए जंगल सफारी और पर्यटन गतिविधियां बंद कर दी जाती हैं.
इस अवधि में गाइड और सफारी चालकों की आमदनी पूरी तरह रुक जाती है, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट का सामना करते हैं.
सूना पड़ा जंगल कैंप, खड़े हैं सफारी वाहन
पर्यटकों की अनुपस्थिति के कारण कभी चहल-पहल से भरा रहने वाला जंगल कैंप इन दिनों पूरी तरह शांत दिखाई दे रहा है. सफारी वाहन खड़े हैं और नेचर गाइड अक्टूबर में पर्यटन सत्र शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन बंद रहने के दौरान इन कर्मियों के लिए वैकल्पिक रोजगार या मानदेय की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित न हो.
अक्टूबर से फिर लौटेगी रौनक
मानसून समाप्त होने के बाद अक्टूबर में नया पर्यटन सत्र शुरू होने की उम्मीद है. इसके साथ ही जंगल में फिर से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और नेचर गाइड व सफारी चालकों की आजीविका दोबारा पटरी पर लौट सकेगी.
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