Bettiah News: बिहार में राज्य सरकार के पुलों और स्टेट हाईवे पर सफर अब महंगा होने जा रहा है. राज्य सरकार ने बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क नियमावली, 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है. नई व्यवस्था के तहत चयनित पुलों और सड़कों पर टोल टैक्स वसूला जाएगा. पश्चिम चंपारण और गोपालगंज को जोड़ने वाला गोपालगंज-बेतिया पुल भी इस सूची में शामिल है.
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी पुलों पर तत्काल टोल वसूली शुरू नहीं होगी. पहले संबंधित पुलों का चयन, टोल एजेंसी की नियुक्ति और टोल प्लाजा की व्यवस्था पूरी की जाएगी. इसके बाद ही शुल्क वसूला जाएगा.
इन प्रमुख पुलों पर टोल लगाने की तैयारी
नई नियमावली के तहत जिन प्रमुख पुलों और मार्गों को सूची में शामिल किया गया है, उनमें—
- बरियारपुर-ताजपुर पुल
- नवगछिया-कोसी नदी पुल
- आरा-छपरा गंगा नदी पुल
- कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल
- दरभंगा-करेह नदी पुल
- गोपालगंज-बेतिया पुल
- गया-फल्गु नदी पुल
- सहरसा का बलुआहा घाट
- फुलौत घाट-खगड़िया मार्ग
- नालंदा का सकरी पुल
शामिल हैं.
किस वाहन पर कितना लगेगा टोल
| वाहन का प्रकार | टोल दर (प्रति किमी) |
| कार, जीप, वैन | ₹1.25 |
| मिनी बस एवं छोटे मालवाहन | ₹2.00 |
| बस एवं दो-धुरी ट्रक | ₹4.25 |
| तीन-धुरी व्यावसायिक वाहन | ₹4.60 |
| छह धुरी वाली भारी निर्माण मशीनरी | ₹6.65 |
| सात या अधिक धुरी वाले वाहन | ₹8.10 |
इन वाहनों को मिलेगी पूरी छूट
सरकार ने कुछ श्रेणी के वाहनों को टोल शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा है. इनमें शामिल हैं—
- दोपहिया वाहन
- तिपहिया वाहन
- ट्रैक्टर
- कंबाइन हार्वेस्टर
- पशु-चलित वाहन
इन वाहनों से सामान्य परिस्थितियों में कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा.
हजारों वाहन चालकों पर पड़ेगा असर
गोपालगंज-बेतिया पुल पश्चिम चंपारण और गोपालगंज के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग है. इस पुल से प्रतिदिन हजारों निजी और व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं. टोल वसूली शुरू होने के बाद इन वाहन चालकों को निर्धारित दरों के अनुसार शुल्क देना होगा.
सरकार ने बताया टोल का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि टोल से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग पुलों और सड़कों के रखरखाव, मरम्मत और आधारभूत संरचना के विकास में किया जाएगा, ताकि सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाया जा सके.
