2005 से पहले ही बिहार में होता था हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा, आज सभी का समान रूप से हो रहा विकास: नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 के पूर्व राज्य में क्या होता था यह किसी से छिपा नहीं है.

बेतिया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 के पूर्व राज्य में क्या होता था यह किसी से छिपा नहीं है. इसी जिले में लोग शाम होते हीं सुरक्षित स्थान खोजने लगते थे, लेकिन जब 2005 में सरकार बनी तो कानून का राज स्थापित किया गया. सूबे में डर एवं भय के माहौल को समाप्त कर विकास के कार्य आरंभ किये गये है और अब राज्य में चारो ओर सड़क, बिजली, पानी समेत आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया गया. सीएम ने कहा कि पहले हिंदू- मुस्लिम का झगड़ा कितना होता था, सबको याद होगा. 2006 में बिहार के कब्रिस्तानों की घेराबंदी का अभियान चलाकर हमने पूरी तरह से हिंदू – मुस्लिम के बीच के झगड़ा को समाप्त करा दिया, फिर 2016 से 60 वर्ष से पुराने मंदिरों और मठों की घेराबंदी का काम भी आरंभ किया गया है. सीएम नीतीश कुमार मंगलवार को पश्चिम चंपारण दौरा के क्रम में ऑडिटोरियम में एनडीए के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि बिहार में जातीय गणना में चिन्हित आर्थिक रुप से कमजोर 94 लाख परिवारों को दो दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी और प्रत्येक दो वर्ष बाद आर्थिक गणना कराकर गरीबो का जीवन स्तर सुधारने का काम किया जायेगा. राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है अब अब सोलर ऊर्जा से बिजली उत्पादन के लिए लोगो को प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसमें केंद्र सरकार का भी भरपुर सहयोग मिल रहा है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए तो शिक्षा के क्षेत्र में भी आमूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है. एनडीए की सरकार बनी तो आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई थी. उसके बाद सरकार लगातार युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का काम कर रही है. दस लाख युवाओं को नौकरी और 49 लाख को रोजगार दिया जा जा चुका है. अब अगले पांच वर्ष में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देना है. नीतीश ने कहा कि पहले स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती थी, कहीं भवन नहीं था तो कहीं शिक्षक नहीं. अभी बिहार में 5.20 लाख सरकारी शिक्षक कार्यरत है। बीपीएससी से 2.58 लाख शिक्षकों की बहाली हुई है. 2.62 लाख नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास विशिष्ट शिक्षक बन गए हैं। 77 हजार शेष बचे नियोजित शिक्षकों को भी विशिष्ट शिक्षक बनाने की प्रक्रिया चल रही है. सीएम ने कहा कि मरीजों को बेतहर सुविधा एवं मेडिकल की पढ़ाई के लिए बिहार के सभी जिलों में मेडिकल कालेज खोलने का कार्य चल रहा है. पहले बिहार में छह मेडिकल कालेज थे. अब इनकी संख्या 12 हो गई है. सात अन्य जिलों में मेडिकल कालेज की स्थापना शीघ्र हो जाएगाी. पहले स्वास्थ्य केंद्रों में पूरे महीनें में 49 मरीज आते थे. जब अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ी तो अब प्रत्येक सीएचसी में 11600 मरीज औसतन एक माह में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं, उन्हें मुफ्त में दवाएं व अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि अब पीएमसीएच 5400 बेड का होगा. आइजीएमएस को भी तीन हजार बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है. बिहार के सभी पुराने छह मेडिकल कालेजों में 2500 बेड का अत्याधुनिक सुविधाओं वाला अस्पताल बन रहा है. ———– बिहार देश का पहला राज्य, जहां पुलिस में महिलाएं अधिक मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां बिहार पुलिस में सबसे अधिक महिलाएं हैं. इससे महिलाओं को त्वरित न्याय मिल रही है. वर्ष 2006- 07 में बिहार के पंचायतों एवं नगर निकायों में महिला आरक्षण लागू किया गया था. इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि बनीं. 2006 में हीं सरकारी नौकरी में महिलाओं को आरक्षण दिया था. 2013 में पुलिस में 35 प्रतिशत का महिला लागू करने के बाद बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं पुलिस में कार्य कर रही हैं. ——— जीविका का मॉडल देश ने अपनाया मुख्यमंत्री ने कहा कि 2006 में विश्वबैंक से कर्ज लेकर जीविका की शुरुआत हुई थी. इसकी सफलता को देखकर बाद में केंद्र सरकार ने भी इस माडल को अपना लिया और नाम दिया आजीविका मिशन. बिहार में अभी 11 लाख स्वयं सहायता समूह है, जिससे 1.40 करोड़ जीविका दीदियां जुड़ी हैं. शहरी क्षेत्र में भी 3.85 स्वयं सहायता समूह क्रियाशील है. जीविका दीदियों को पहले दस प्रतिशत ब्याज पर लोन मिलता था, इसे घटाकर सात प्रतिशत कर दिया गया है. जीविका की रसोई के खाना का मूल्य भी घटाकर 20 रुपये कर दिया है. उन्होंने बिहार के सभी पंचायतों में विवाह भवन बनाने की प्रतिबद्धता दुहाराते हुए कहा कि इसके लिए चार हजार 26 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है. जीविका दीदियों समेत हर घर की महिआओं को रोजगार देने के लिए दस हजार की राशि दी जा रही है. बेहतर कार्य करने पर दो लाख दिया जायेगा. —————– यह रहे मौजूद कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी संबोधित किया. मौके पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दूबे, सूबे के मंत्री विजय चौधरी, पशुपालन मंत्री रेणु देवी, जिले के प्रभारी मंत्री जनक राम, सांसद डॉ संजय जायसवाल, विधायक विनय बिहारी, नारायण साह, उमाकांत सिंह, रश्मि वर्मा, विधान पार्षद भीष्म सहनी, पूर्व विधायक दिलिप वर्मा, राजेश सिंह, प्रदीप सिंह, पूर्व विधान पार्षद लालबाबू प्रसाद आदि भी मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन जदयू जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न कुशवाहा ने की. जबकि अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष रुपक कुमार श्रीवास्तव कर रहे थे. ————————-

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >