वाल्मीकिनगर. टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल 2 के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र से सटे एनपीसीसी कॉलोनी निवासी इन दिनों भय के माहौल में जीने को मजबूर है. कारण है रॉयल बंगाल टाइगर का लगातार चहलकदमी. विदित हो कि पिछले तीन दिनों में बाघ के द्वारा दो गाय और एक बकरी को अपना शिकार बनाया गया है.जिसके भय से ग्रामीण रतजगा कर अपने अपने मवेशियों का निगरानी कर रहे है. वनपाल के नेतृत्व में बाघ की हो रही है निगरानी इस बाबत वाल्मीकिनगर रेंजर अमित कुमार ने बताया की बाघ की निगरानी के लिए वनपाल आशीष कुमार, ओमप्रकाश, फील्ड बायोलॉजिस्ट सौरभ वर्मा,टाइगर टेकर जुनैद, संजीत आदि वन कर्मियों की टीम घटनास्थल पर निगरानी कर रही है. बाघ का लोकेशन लेने के लिए छह जगहों पर ट्रैप कैमरा भी लगाया गया इसके साथ ही बाघ के आवागमन को ट्रैक करने के लिए घटनास्थल से सटे झाड़ियों के समीप छह ट्रैप कैमरा भी लगाया गया है.ताकि बाघ के मूवमेंट पर नजर रखी जा सके. मंगलवार को बाघ का पगमार्क जटाशंकर वन क्षेत्र की ओर मिला है. इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ जंगल की तरफ लौट चुका है. फिर भी घटनास्थल से लेकर जटाशंकर वन क्षेत्र तक वन कर्मी लगातार निगरानी कर रहे है.
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