मसान नदी किनारे बाघ ने बछड़े का किया शिकार, गांवों में दहशत

पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना (वीटीआर) से बाहर निकला बाघ अब रिहायशी इलाकों में भी खतरा बनता नजर आ रहा है. रामनगर प्रखंड के बड़ा बेलवा गांव के पास मसान नदी किनारे बाघ ने एक बछड़े का शिकार कर लिया, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. वन विभाग ने बाघ की ट्रैकिंग शुरू कर दी है.

Bihar VTR News: पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना (वीटीआर) से बाहर निकला बाघ अब रिहायशी इलाकों में भी खतरा बनता नजर आ रहा है. रामनगर प्रखंड के बड़ा बेलवा गांव के पास मसान नदी किनारे बुधवार देर शाम बाघ ने एक बछड़े का शिकार कर लिया. घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने खेतों व नदी किनारे जाने से परहेज शुरू कर दिया है.

मवेशी चराने गए थे नदी किनारे

जानकारी के अनुसार बड़ा बेलवा गांव निवासी कृष्णा यादव अपने मवेशियों को चराने के लिए मसान नदी किनारे गए थे. इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर गाय के बछड़े को अपना शिकार बना लिया. बाघ के हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग जान बचाकर वहां से भाग निकले.

दो सप्ताह से जंगल से बाहर घूम रहा है बाघ

ग्रामीणों का कहना है कि बाघ पिछले करीब दो सप्ताह से वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के जंगल से बाहर निकलकर आसपास के इलाकों में घूम रहा है. पिछले एक सप्ताह से उसे कई बार रिहायशी क्षेत्रों के आसपास भी देखा गया है, जिससे लोगों में डर बढ़ गया है.

वन विभाग ने शुरू की ट्रैकिंग

घटना की सूचना मिलते ही रघिया वन प्रक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची और बाघ की ट्रैकिंग शुरू कर दी. वनकर्मी लगातार इलाके में गश्त कर बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

चिऊंटहा वन क्षेत्र के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या मसान नदी किनारे न जाएं. साथ ही मवेशियों को खुले में न छोड़ें और बाघ दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें. अधिकारियों का कहना है कि बाघ की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं.

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