बाघ ने चार दिन बाद छोड़ा ग्रामीण इलाका, जंगल में लौटा

नीलगाय का शिकार कर आसपास के क्षेत्र में अपना डेरा जमाये हुआ था.

इनरवा . भंगहा थाना क्षेत्र के भंगहा गांव के पश्चिम नौरंगा सरेह में गन्ने की खेत में बाघ ने पिछले 30 सितंबर मंगलवार से नीलगाय का शिकार कर आसपास के क्षेत्र में अपना डेरा जमाये हुआ था. जिसे भंगहा के लगभग आठ गांवों के लोगों में दहशत का माहौल था. ग्रामीणों की सूचना पर दूसरे दिन बुधवार को वन कर्मियों की टीम बाघ के पगमार्ग की ट्रैकिंग करने के लिए पहुंची थी. वन कर्मियों द्वारा लगातार ट्रैकिंग एवं पटाखे फोड़ने से अंततः बाग चौथे दिन शुक्रवार को जंगल की ओर लौट गया. रेंजर सुनील कुमार पाठक ने बताया कि लगातार तीन दिनों तक बाघ की ट्रैकिंग की जा रही थी. जिसे चौथे दिन शुक्रवार को बाघ जंगल की ओर लौट गया है. साथ ही ग्रामीण एवं राहगीरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. बता दें की बाघ की भय से पिछले दिनों से भंगहा, सिसवा, प्रतापपुर भंगहा, भंगहा बाजार,नगरदेही आदि गांव के लोगों मे दहशत का माहौल कायम था. हालांकि ग्रामीण श्रीकांत यादव, प्रमोद शाह, शेख खुर्शीद, रामु पासवान, मुर्तुजा अंसारी, मुन्ना सिंह, अमरजीत यादव, इब्राहिम शेख, मनोज सिंह,मामुल अंसारी, दिलशाद आलम, रामबाबू गुप्ता आदि ग्रामीणों ने अभी भी गन्ने की खेत में बाघ की होने की संभावना जताई है.

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Author: RANJEET THAKUR

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