Sawan 2026: पश्चिम चंपारण के सिकटा प्रखंड में सावन की जलभरी यात्रा से लौट रहे बाबा कामेश्वर नाथ शिव मंदिर से जुड़े वरिष्ठ श्रद्धालु एवं शिक्षक रामजी ठाकुर (75) का रविवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया. वाल्मीकिनगर के त्रिवेणी संगम से जल लेकर लौटने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और मंदिर समिति में शोक की लहर दौड़ गई.
जलभरी यात्रा का कर रहे थे नेतृत्व
जानकारी के अनुसार, सिकटा स्थित बाबा कामेश्वर नाथ शिव मंदिर से हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की बस जलभरी के लिए वाल्मीकिनगर के त्रिवेणी संगम गई थी. इस धार्मिक यात्रा का नेतृत्व वर्षों से मंदिर से जुड़े श्रद्धालु एवं शिक्षक रामजी ठाकुर कर रहे थे.
त्रिवेणी संगम पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालुओं ने स्नान, पूजा-अर्चना, दर्शन और भोजन किया. इसी दौरान कुछ समय के लिए उनकी तबीयत बिगड़ी थी. जांच कराने पर स्थिति सामान्य बताई गई, जिसके बाद सभी लोग वापस लौटने लगे.
वापसी के दौरान बिगड़ी तबीयत
वापसी के दौरान नौरंगिया के पास अचानक रामजी ठाकुर की तबीयत फिर खराब हो गई और उन्हें उल्टी होने लगी. बस में मौजूद उनके पुत्र और बहू ने तत्काल उनकी देखभाल की और आराम कराने का प्रयास किया. इसके बाद उन्हें तुरंत बगहा अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
श्रद्धालुओं में पसरा मातम
अचानक हुई इस घटना से बस में सवार सभी श्रद्धालु स्तब्ध रह गए. वर्षों से बाबा कामेश्वर नाथ शिव मंदिर की सेवा और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले रामजी ठाकुर के निधन की खबर से किसी को विश्वास नहीं हो रहा था.
अस्पताल से एंबुलेंस के जरिए उनका पार्थिव शरीर सिकटा लाया गया. घटना की सूचना मिलते ही बाबा कामेश्वर नाथ शिव मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई.
कई लोगों ने जताया शोक
मुखिया प्रतिनिधि राजन चौरसिया, मंदिर समिति के सदस्य रामनरेश प्रसाद कानन तथा यात्रा में शामिल श्रद्धालु विष्णु रौनियार सहित कई लोगों ने रामजी ठाकुर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
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