टेंट हाउस संचालक की बेटी बनीं MBBS डॉक्टर, सिख समुदाय में शहर की पहली महिला डॉक्टर बनीं असप्रीत कौर

Success Story: नरकटियागंज की असप्रीत कौर ने एमबीबीएस परीक्षा पास कर शहर की पहली सिख समुदाय की महिला डॉक्टर बनने का गौरव हासिल किया है. पहले प्रयास में NEET और MBBS में सफलता हासिल कर उन्होंने नई मिसाल पेश की है. पढ़ें पूरी खबर…

नरकटियागंज से सतीश कुमार पांडेय की रिपोर्ट

Success Story: पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज की बेटी असप्रीत कौर ने एमबीबीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर एक नई मिसाल कायम की है. उनकी इस उपलब्धि को परिवार के साथ-साथ स्थानीय सिख समुदाय भी ऐतिहासिक मान रहा है. परिजनों के अनुसार, असप्रीत कौर नरकटियागंज के सिख समुदाय से एमबीबीएस डॉक्टर बनने वाली पहली बेटी हैं.

उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं.

असप्रीत के पिता टेंट हाउस का व्यवसाय करते हैं

असप्रीत के पिता लवली सिंह, जो टेंट हाउस का व्यवसाय करते हैं, ने कहा कि बेटी की सफलता ने पूरे परिवार को गौरवान्वित किया है.

उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उसकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. अब आगे की मेडिकल शिक्षा में भी परिवार उसका पूरा सहयोग करेगा.

पहले प्रयास में NEET और MBBS में मिली सफलता

असप्रीत कौर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी स्कूल, नरकटियागंज से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने मुजफ्फरपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए देहरादून का रुख किया.

वहां फिजिक्स प्लैनेट संस्थान से तैयारी करते हुए उन्होंने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद उनका चयन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा में हुआ.

यह भी पढ़ें: लाल बकेया नदी में डूबे 6 बच्चे, 2 की मौत, 4 को सुरक्षित निकाला गया

रिजल्ट आते ही छलक पड़े खुशी के आंसू

असप्रीत ने बताया कि एमबीबीएस परीक्षा परिणाम आने से पहले वह घर लौट आई थीं. जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने कहा कि बचपन से डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना उनका सपना था और अब वह सपना पूरा हो गया है.

सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन क्लास बनी सफलता की कुंजी

असप्रीत के अनुसार, मेडिकल की पढ़ाई के दौरान उन्होंने सेल्फ स्टडी पर विशेष ध्यान दिया. इसके साथ ही यूट्यूब और ऑनलाइन क्लासेज की मदद से नियमित 10 से 12 घंटे अध्ययन किया.

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां जगजीत कौर और बड़े भाई को दिया, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया.

यह भी पढ़ें: रक्सौल की बेटी अक्षरा गुप्ता ने 126 गेंदों पर खेली नाबाद 306 रन की रिकॉर्ड पारी

सिख समुदाय की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

नरकटियागंज में बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. ऐसे में समुदाय की एक बेटी का डॉक्टर बनना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

असप्रीत के चाचा और व्यवसायी बॉबी सिंह ने कहा कि उनकी सफलता से समाज के बच्चों, विशेषकर बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी.

स्थानीय लोगों का मानना है कि असप्रीत की उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी.

यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में प्लांट हादसे का शिकार हुआ योगापट्टी का युवक, शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >