Bihar Education News: पश्चिम चंपारण में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा निजी कोचिंग और ट्यूशन पढ़ाने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के निर्देश के बाद सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है.
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कोचिंग संस्थानों की भी होगी जांच
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता) ने एक जुलाई को सभी बीईओ को पत्र जारी कर माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बिहार के 11 जून 2026 के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है.
निर्देश के अनुसार अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी सरकारी शिक्षक विद्यालय परिसर के भीतर या बाहर किसी भी निजी कोचिंग, ट्यूशन या व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में अध्यापन न करे. इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर कोचिंग संस्थानों का सत्यापन और जांच अभियान भी चलाया जाएगा.
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रहेगा फोकस
शिक्षा विभाग ने कहा है कि बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और उन्हें नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. ऐसे में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी अपने विद्यालय के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है.
नियम तोड़ने पर होगी विभागीय कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सरकारी शिक्षक विद्यालय परिसर या अन्य किसी स्थान पर निजी कोचिंग, ट्यूशन अथवा व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में पढ़ाते पाया जाता है तो इसे शिक्षक आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा.
ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. सभी बीईओ को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी रखने और समय-समय पर कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
