Narkatiaganj News: शहर के आर्य समाज चौक पर सोमवार देर शाम भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. वार्ड संख्या-13 की पार्षद ललिता देवी की ओर से आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर जयंती मनाई.
लेकिन कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा. समारोह के दौरान स्थानीय लोगों ने शहर की कई लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया.
नहर का मलबा बना लोगों की परेशानी
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि साठी-बेलवा नहर की सफाई के बाद निकाला गया मलबा कई दिनों से सड़क किनारे पड़ा है. इससे दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों के आवागमन में भी परेशानी हो रही है.
लोगों ने आर्य समाज चौक के आसपास सार्वजनिक मूत्रालय तथा बाजार क्षेत्र में महिलाओं के लिए अलग शौचालय निर्माण की भी मांग की.
नगर परिषद की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि मलबा हटाने में हो रही देरी से आम लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है. इसे लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए.
सभापति ने गंडक विभाग की बताई जिम्मेदारी
नगर परिषद सभापति रीना देवी ने कहा कि नहर की सफाई जल संसाधन विभाग (गंडक विभाग) द्वारा कराई जा रही है. मलबा हटाने की जिम्मेदारी भी उसी विभाग की है.
हालांकि उन्होंने कहा कि नगरवासियों की सुविधा को देखते हुए नगर परिषद भी मलबा हटाने में सहयोग कर रही है.
विधायक ने मौके से अधिकारियों को किया फोन
स्थानीय लोगों की शिकायत सुनने के बाद नरकटियागंज विधायक संजय कुमार पांडेय ने मौके से ही जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता से फोन पर बात की.
उन्होंने अधिकारियों को स्थल का निरीक्षण कर जल्द समस्या का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. विधायक ने कहा कि शहरवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा.
बड़ी संख्या में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति रीना देवी, उपसभापति पूनम देवी, उपसभापति प्रतिनिधि संतोष राज, पार्षद रत्नेश सर्राफ, पार्षद प्रतिनिधि हरिशंकर प्रसाद, बड़ेलाल, भाजपा नेता राजेश जायसवाल, रामेश्वर सर्राफ, मिथिलेश तिवारी समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे.
