लापरवाही पर खनन पदाधिकारी व कई बीडीओ से शोकॉज, गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों, अभियंताओं व संवेदकों पर गिरेगी गाज

समाहरणालय सभागार में आयोजित सोमवारीय बैठक के दौरान डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की गहन समीक्षा की.

बेतिया. समाहरणालय सभागार में आयोजित सोमवारीय बैठक के दौरान डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की गहन समीक्षा की. बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभुकों को समय पर किस्त भुगतान में हो रही लापरवाही पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की. डीएम ने कहा कि निर्धारित कार्य पूरा कराने के बावजूद अगर लाभुकों को अगली किस्त प्रदान नहीं की जा रही है, तो यह अत्यंत गंभीर लापरवाही है. यह सरासर एक अनियमितता का संकेत है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे आवास सहायक एवं आवास पर्यवेक्षक, जो जानबूझकर किस्त भुगतान में देरी करते हैं, उनके वेतन की निकासी तत्काल प्रभाव से रोक दी जाय और उन सभी से शोकॉज भी किया जाय. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दोषी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. डीएम ने कहा कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में मानक पालन नहीं होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. उन्होंने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी निर्माणाधीन भवनों का नियमित निरीक्षण कराएं और जहां भी मानक से विचलन दिखे, वहां संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं तथा संवेदकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि निम्नस्तरीय निर्माण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बालू घाटों पर अनियमितता और अवैध गतिविधियों को लेकर उन्होंने जिला खनिज पदाधिकारी को लगातार छापेमारी करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाए. पृच्छा के क्रम में संतोषजनक जवाब नहीं देने, कार्य में लापरवाही, कोताही बरतने को लेकर जिला खनिज पदाधिकारी को शोकॉज करने का निर्देश जिला पदाधिकारी द्वारा दिया गया. भूमि-अधिग्रहण से जुड़े मामलों पर उन्होंने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि का भुगतान रैयतों को समय पर हर हाल में मिले. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करने हेतु विभिन्न प्रखंडों में कैंप आयोजित किए जाए ताकि रैयतों की शिकायतें स्थल पर ही दूर की जा सके. बच्चों की सुरक्षा, पोषण और संरक्षण से संबंधित परवरिश योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने डीपीओ, आईसीडीएस को निर्देश दिया कि जिले के सभी पात्र बच्चों को जल्द से जल्द लाभानिवत करना सुनिश्चित किया जाए. बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने परिवहन, धान अधिप्राप्ति, विद्युत, मद्य निषेध, शिक्षा, योजना, डीआरसीसी, कृषि, मत्स्य, श्रम, खेल, स्वास्थ्य, भवन निर्माण, पथ निर्माण, आरडब्ल्यूडी, एलएईओ, भविष्य निधि तथा अन्य सभी विभागों की प्रगति का विस्तार से समीक्षा किया. परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि विभागीय राजस्व प्राप्ति का निर्धारित लक्ष्य हर हाल में समय पर पूरा किया जाए. इस कार्य में लापरवाही दिखाने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ की जाए. बैठक में डीडीसी सुमित कुमार, एडीएम राजीव रंजन सिन्हा, एडीएम अनिल कुमार सिन्हा, नगर आयुक्त लक्ष्मण तिवारी सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. 25 दिसंबर तक समूचे जिले में कंबल वितरण का कार्य पूर्ण कराने का निर्देश ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए डीएम ने सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग को निर्देश दिया कि 25 दिसंबर तक समूचे जिले में कंबल वितरण कार्य पूर्ण करा दिया जाए. उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी अंचल अधिकारियों के साथ बैठक कर समन्वित रूप से वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि गरीब एवं असहाय परिवारों को जल्द राहत मिल सके. जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अनियमितता और लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिला प्रशासन की प्राथमिकता पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्तापूर्ण कार्य है. किसी भी विभाग में अनावश्यक देरी, लापरवाही, मानकहीन कार्य या योजनाओं में गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अनिवार्य रूप से होगी. जिले में अनियमितता के प्रति शून्य-सहनशीलता की नीति लागू है और इसका पालन कड़ाई से कराया जाएगा.

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Author: SATISH KUMAR

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