पश्चिम चंपारण सहित पूरे उत्तर बिहार में बढ़ी कड़क ठंड और घने कुहासे से जनजीवन हुआ बेहाल

पश्चिम चंपारण सहित पूरे उत्तर बिहार में सर्दी और ठंड का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ने लगा है.

बेतिया. पश्चिम चंपारण सहित पूरे उत्तर बिहार में सर्दी और ठंड का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ने लगा है.पछुआ हवा चलने वाले मौसम ने बच्चे,बीमार और बड़े-बुजुर्ग लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे कनकनी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ठंडी हवा की वजह से लोग सुबह- सुबह घरों से निकलने से बचने लगे हैं. मौसम विज्ञान केंद्र से जारी बुलेटिन में अगले एक सप्ताह तक का मौसम सामान्य बताया गया है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट के कारण ठंड का एहसास और तेज होने की जानकारी दी गई है. पछुआ हवा की रफ्तार भी बढ़ी है और अगले कुछ दिनों तक 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवा चलने का पूर्वानुमान मौसम विज्ञान विभाग की बुलेटिन में लगाया गया है. जिससे ठंड जनित परेशानी और अधिक बढ़ सकती है. पश्चिम चंपारण जिले में पिछले तीन दिनों से अचानक बढ़ी कड़क ठंड और सुबह के घने कुहासे ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. देर रात से ही छाए घने कुहासे के कारण सुबह दृश्यता 20 से 30 मीटर तक सिमट जा रही है. कुहासे के कारण सड़क परिवहन पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है. राष्ट्रीय राजमार्ग 727 एवं राज्य उच्च पथों पर भी चलने वाले वाहनों की रफ्तार 20-25 किमी प्रति घंटे से अधिक नहीं बढ़ पा रही है. बसें निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, वहीं छोटी दूरी के यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है. ऑटो और रिक्शा चालक अत्यधिक ठंड के कारण रात में बहुत कम और सुबह भी देर से अपनी सेवाएं शुरू कर रहे हैं. रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों के आगमन में देरी देखी जा रही है. रेलवे सूत्रों के अनुसार दृश्यता कम होने के कारण कई एक्सप्रेस ट्रेनों के भी परिचालन में गति नियंत्रित रखनी पड़ रही है. कोचिंग-स्कूल जाने वाले बच्चों, शिक्षक-शिक्षिका और अभिभावकों की बढ़ी परेशानी कोचिंग संस्थानों और स्कूल जाने वाले बच्चों और शिक्षक -शिक्षिकाओं बढ़ी ठंड का प्रभाव देखा जा रहा है. अभिभावक भी अपने बच्चों को सुबह स्कूल पहुंचाने वाली रोज की ड्यूटी से परेशान हैं,वहीं स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज में भी सर्दी, खांसी और श्वास संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है.बाजारों में भी सुबह-सुबह सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग दिन चढ़ने के बाद ही खरीदारी के लिए निकलना सही समझ रहे हैं. आवश्यक होने पर ही धुंध में घरों से या रोड पर निकलें, वाहन चलाते हेड लाइट और फॉग लाइट का करें उपयोग: एसडीएम सदर अनुमंडल के एसडीएम विकास कुमार ने भी लोगों से आवश्यक होने पर ही धुंध के दौरान घरों से या रोड पर निकलने से यथा संभव बचने की अपील की है.वही वाहन चलाते समय हेड लाइट और फॉग लाइट का उपयोग करने व गति नियंत्रित रखने का भी अनुरोध किया है.कुल मिलाकर कहें तो बीते तीन दिनों से जिले में लगातार बढ़ रही सर्दी और ठंड का असर अब आम जनजीवन पर गहरा होता दिख रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SATISH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >