Bettiah News: मैनाटाड़ प्रखंड क्षेत्र के उच्च माध्यमिक विद्यालय बस्ठा में बन रहे लैब रूम के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और विभागीय मानकों की अनदेखी की जा रही है. इससे निर्माणाधीन भवन की मजबूती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कर निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण करने की मांग की है. वहीं, निर्माण एजेंसी या संबंधित विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है.
लैब निर्माण में गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि उच्च माध्यमिक विद्यालय बस्ठा में लैब रूम के निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया तो भविष्य में भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से निर्माण कार्य की जांच जरूरी है.
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने की मांग
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है. साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों से स्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करने की मांग की गयी है.
ग्रामीणों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य विभागीय मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है या नहीं.
मानक के अनुरूप निर्माण कराने की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल में बनने वाला लैब रूम विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है. ऐसे में भवन का निर्माण मजबूत और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप होना चाहिए.
उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और लैब रूम का निर्माण विभागीय मानकों के अनुसार कराया जाए.
जांच नहीं हुई तो वरीय अधिकारियों से शिकायत
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य की जांच नहीं करायी गयी तो वे मामले की शिकायत वरीय अधिकारियों से करेंगे. ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य निर्माण कार्य को रोकना नहीं, बल्कि गुणवत्ता सुनिश्चित कराना है.
इधर, निर्माण एजेंसी या संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों के आरोपों पर कोई पक्ष सामने नहीं आया है. अधिकारियों की जांच के बाद ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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