नरकटियागंज. पिछले नौ दिनों से सुर्खियो में रहे सौरभ तिवारी हत्याकांड मामले का शिकारपुर पुलिस ने उदभेदन कर लिया है. यह खुलासा सौरभ के ही दोस्त कामेश्वर दुबे उर्फ छोटू की रिमांड पूछताछ में हुआ है. प्रभारी थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार ने बताया कि 18 सितंबर की रात सौरभ तिवारी को सुधीर पांडेय और छोटू दुबे उसके घर से बुलाकर लौकरिया गांव के समीप ले गए. तीनों वहां बैठकर शराब पीने लगे. इसी दौरान मजाक-मजाक में दोनों एक-दूसरे की पत्नी को लेकर भद्दी टिप्पणियां करने लगे. पहली बार मामला हंसी मजाक में टल गया लेकिन दूसरी बार सौरभ ने सुधीर की पत्नी का नाम सन्नी सिंह से जोड़कर टिप्पणी कर दी. इस पर सुधीर आग बबूला हो गया और सौरभ से मारपीट करने लगा. छोटू दुबे ने सुधीर का साथ देते हुए सौरभ का हाथ पकड़ लिया और उसी बीच सुधीर ने चाकू से सौरभ पर ताबड़तोड़ वार कर दिया. घटनास्थल पर ही सौरभ की मौत हो गई. इसके बाद दोनों आरोपी सुधीर की गाड़ी से मौके से फरार हो गए.अगली सुबह 19 सितंबर को सौरभ की लाश लौकरिया गांव के गन्ने के खेत में बरामद हुई. परिजनों ने शिकारपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें छोटू दुबे, ओमकार दुबे, अमन कुमार सोनी और भरत राम को नामजद किया. पुलिस ने अमन और भरत को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. 23 सितंबर को दबाव बढ़ने पर छोटू दुबे ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया. पुलिस ने रिमांड पर पूछताछ में उससे पूरे घटनाक्रम का खुलासा कराया और अब उसे भी जेल भेज दिया गया है. मुख्य आरोपी सुधीर पांडेय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. ——————– दीपू, सन्नी और फिर सौरभ की हत्या में आया सुधीर का नाम नगर के पांडेय टोला निवासी सुधीर पांडेय का आपराधिक सफर लगातार खूनी वारदातों से जुड़ता जा रहा है. बीते वर्ष मझौलिया थाना क्षेत्र के घोकराहा निवासी सन्नी सिंह की हत्या में उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, 16 जनवरी 2024 को सन्नी सिंह को सुधीर पांडेय के घर बुलाया. वहां उसे पहले शराब पिलाई गई और फिर गला दबाकर हत्या कर दी गई. करीब एक महीने बाद, 16 फरवरी को सन्नी का शव कोइरगावा गांव के पास पंडई नदी से बरामद किया गया. इस मामले में सन्नी के पिता मनोज सिंह ने 20 जनवरी को शिकारपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी. सुधीर पांडेय का आपराधिक इतिहास पुराना है. 23 जनवरी 2016 को लौरिया थाना में नगर के प्रकाश नगर निवासी दीपु गुप्ता की हत्या का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें सुधीर मुख्य आरोपी था. दीपु की हत्या के बाद उसका शव सड़क किनारे फेंक दिया गया था. इससे पहले 2013 में उस पर आर्म्स एक्ट और अपहरण का केस भी दर्ज हो चुका है. फिलहाल, 2025 में जेल से बेल पर बाहर रहने के दौरान सुधीर का नाम एक बार फिर सामने आया है.
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