भारतीय सेना के अदम्य साहस व पराक्रम को सलाम, ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई श्रेष्ठ कदम
बीती रात भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस व पराक्रम का परिचय देते हुए पाकिस्तान के विभिन्न आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया.
बेतिया. बीती रात भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस व पराक्रम का परिचय देते हुए पाकिस्तान के विभिन्न आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया. इस क्रम में कुख्यात आतंकवादी मसूद अजहर के परिवार समेत 200 से अधिक आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया. पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले के बाद भारतीय जनता में एक आक्रोश व्याप्त था. भारतीय सेना ने ऑपरेशन ””””सिंदूर”””” के तहत इस हमले का जोरदार बदला लिया है. सेवा के इस पराक्रम से भारत की जनता में प्रसन्नता का वातावरण है. इस क्रम में बेतिया में प्रभात खबर ने कुछ लोगों से बातचीत की और उनके विचार जाने. प्रस्तुत है उसके कुछ अंश-
जाने-माने व्यवसायी उत्तम मोटानी बताते हैं कि भारतीयों के उजड़े सिंदूर का बदला ऑपरेशन ””””सिंदूर”””” से लिया गया. यह भारतीय सेना के अदम्य में साहस और शौर्य की निशानी है. यह 2025 का भारत है. जिसने आंखे दिखाई उसकी आंखें नोच लेगा, इतनी क्षमता है हमारे पास. हम शांति के पुजारी हैं, इसका अर्थ यह नहीं कि कोई हमें परेशान करके चला जाए और हम चुप रह जाएंगे. बिहार बंगाली समिति के प्रदेश पदाधिकारी सह विद्यालय प्रबंधक डॉ. मदन बनिक कहते हैं कि आतंकवादियों ने केवल 26 लोगों को नहीं मारा था, बल्कि भारत की आत्मा को छलनी किया था. धर्म पूछ कर मारना भारत की एकता और अखंडता पर हमले करने जैसा था. लेकिन सेना ने जो माकूल जवाब दिया है, उससे इन आतंकवादियों को अच्छा सबक मिला है. पतंजलि के जिला प्रभारी और एमजेके कॉलेज में योग के प्रशिक्षक पवन कुमार कहते हैं कि भारत के सैन्य बल ने अपने अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है. अब भारत आतंकवादियों के समूल नष्ट करने के लिए दृढ़ संकल्पित हो चुका है. भारत सरकार का यह श्रेष्ठ कदम है फिर से एक बार आतंकमुक्त करने के लिए तत्पर हैं. हम सब भारत सरकार के इस वीरतापूर्ण कार्य के लिए सदैव साथ हैं. जाने माने व्यवसायी और काश्मीर में महीनों गुजार चुके मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष प्रेम सोमानी कहते हैं कि भारत की सेना को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद है. लेकिन इससे काम नहीं चलेगा. आतंकवादियों को पैदा करने का काम पाकिस्तान की सेना विशेष रूप से वहां के पंजाब प्रांत के सीनियर अधिकारी ही करते हैं, आतंकवादियों को समर्थन इन पाकिस्तानी पंजाबियों के द्वारा ही मिलता है, इसलिए जब तक पाकिस्तानी सेना के पंजाबी ब्रिगेड को सबक नहीं सिखाया जाएगा, तब तक आतंकवादी पैदा होते रहेंगे. शिक्षाविद् रुपम चौबे कहती हैं कि बार-बार आतंकवादी अपना सर उठाते हैं. सरकार तभी ऐसा एक्शन लेती है जब वे कुछ ना कुछ बुरा कर देते हैं. सरकार को ऐसा कदम उठाना चाहिए कि घटना से पहले ही आतंकवादियों के मंसूबे को ध्वस्त किया जाता रहे, ताकि पहलगाम जैसी घटनाएं हो ही नहीं. पाकिस्तानी सेना इन आतंकवादियों को आक्सीजन देने का काम करती है, इसलिए अब वहां की सेना पर भी स्ट्राइक होना चाहिए. जाने-माने चिकित्सक डॉ प्रमोद तिवारी कहते हैं कि इस ऑपरेशन में महिलाओं का शामिल होना इस बात को दिखाता है कि भारत ने सिंदूर का बदला सिंदूर ऑपरेशन के माध्यम से लिया है. सेना के शौर्य को प्रणाम है. इस पूरे ऑपरेशन से देश में संतोष का वातावरण है. आतंकवादियों पर ऐसा प्रहार होते रहना चाहिए, ताकि उन्हें सर उठाने की हिम्मत ना हो.
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