पेज04 : बालिका विद्या मंदिर के विज्ञान मेला में आयुषी, स्नेहा,सृष्टि, श्वेता, कनक, छवि, रूबी, सपना के प्रदर्श ने बटोरी सराहना

राज ड्योढी परिसर के बाबा हरिदास नागा सरस्वती शिशु-बालिका विद्या मंदिर प्रांगण में सोमवार को संपन्न विज्ञान, गणित-संगणक मेला का भव्य आयोजन किया गया.

:-राज ड्योढी परिसर के बाबा हरिदास नागा शिशु-बालिका सरस्वती विद्या मंदिर में विज्ञान, गणित-संगणक मेला का भव्य आयोजन सम्पन्न, बेतिया. राज ड्योढी परिसर के बाबा हरिदास नागा सरस्वती शिशु-बालिका विद्या मंदिर प्रांगण में सोमवार को संपन्न विज्ञान, गणित-संगणक मेला का भव्य आयोजन किया गया. जिसका आरंभ मुख्य अतिथि आलोक भारती शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य दिवाकर चंद्र पाण्डेय,विशिष्ट अतिथि चम्पारण विभाग निरीक्षक ललित कुमार राय, आमंत्रित अतिथि विज्ञान प्राध्यापक सुनील कुमार, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा बाला श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सुभाष चन्द्र रूंगटा, अभिभावक प्रतिनिधि रामचन्द्र गिरि, रामबालक यादव, बालिका विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या विनिता कुमारी के दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ किया गया. इसमें विद्यालय के विज्ञानाचार्य बृजेश पांडेय, रवि प्रकाश पाण्डेय, गणित के आचार्य आशीष कुमार, मणिकांत त्रिपाठी, नर्वदेश्वर पाण्डेय, विवेक कुमार, संगणक के आचार्य मृत्युंजय राय, रंजीत कुमार, मानती सिंह, प्रीति चक्रवर्ती, बंका यादव, प्रणिता श्रीवास्तव, कर्ण कुमार, प्रवीण कुमार तथा दर्जनों अभिभावक गण की सहभागिता रही. विज्ञान मेला में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा संगणक, गणित और विज्ञान से संबंधित भिन्न-भिन्न प्रदर्श जैसे रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सेंसर वेस माडल,सोलर एनर्जी, जीवाश्म ईंधन, रेन सेंसर , वॉटर पोल्यूशन, चंद्रयान, ग्रेफाइट कंडक्ट इलेक्ट्रिसिटी, सोलेनएड इलेक्ट्रॉमैगनेटिक, इनोवेटिव मॉडल वॉटर प्यूरिफायर, खाने-पीने के स्टाल लगाए गए. इस प्रदर्श में कक्षा दशम की छात्रा आयुषी, स्नेहा, सृष्टि,कनक, श्वेता,छवि पाठक, रूबी,सपना,कक्षा अष्टम की अदिति, राजलक्ष्मी, मानसी,षष्ठ की पल्लवी, प्रत्या पटेल, हर्षिता, आर्या,सप्तम की छवि,माही, त्रिशा पाठक, नवम की माही सिंह, राजलक्ष्मी, सिद्धी, दिव्या आदि बहनों की भूमिका अहम रही. मानव जीवन को सहज,सुरक्षित और अधिक सुविधापूर्ण बनता है विज्ञान : दिवाकर मेले के मार्गदर्शन सत्र में मुख्य अतिथि व आलोक भारती शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य दिवाकर चंद्र पाण्डेय ने कहा कि विज्ञान हमारे जीवन को सहज, सुरक्षित और अधिक सुविधायुक्त बनता है.चिकित्सा और संचार के क्षेत्र में प्रगति के साथ आर्थिक विकास की गति को तेज किया है. इसके साथ ही विज्ञान संपूर्ण ब्रह्मांड के रहस्य को वैज्ञानिक आधार पर समझने में मदद करता है. विज्ञान आधुनिक ज्ञान का एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो हमें दुनिया को बेहतर ढंग से समझने और अज्ञानता को दूर करने में सक्षम बनाता है.विशिष्ट अतिथि चम्पारण विभाग निरीक्षक ललित कुमार राय के कहा कि हमारे विद्या मंदिर अपने भैया बहनों को सशक्त भारत के एक प्रतिभा संपन्न स्वावलंबी नागरिक के रूप में विकसित करने के साधना केंद्र के रूप में संचालित होते हैं.विद्यालय की अध्यक्ष पूर्णिमा बाला श्रीवास्तव ने कहा कि विज्ञान ने मानव जीवन स्तर में सुधार, सांस्कृतिक परिष्कार और शिक्षा सरोकारों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया है.अध्यक्ष डॉ. श्रीमती बाला ने कहा कि विज्ञान के माध्यम से ही हमने चंद्रमा और मंगल जैसे ग्रहों पर मिशन यान भेजे हैं. जिससे ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में मदद मिली है अतः विज्ञान आज के समाज का एक अभिन्न अंग होने से विज्ञान का बुनियादी ज्ञान सभी के लिए आवश्यक है. क्योंकि यह हमारे जीवन को बेहतर बनाने के नए तरीके प्रदान करता है.

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Author: MADHUKAR MISHRA

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