बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Raxaul Gorakhpur Intercity Train: रक्सौल, बेतिया और नरकटियागंज के रेल यात्रियों ने रक्सौल से गोरखपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग तेज कर दी है. सोशल मीडिया पर इस मांग को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. प्रस्तावित समय के अनुसार, अगर यह ट्रेन सुबह 5 बजे रक्सौल से खुलकर 10:30 बजे गोरखपुर पहुंचे और वापसी में शाम 7 बजे चलकर रात 11:30 बजे रक्सौल लौटे, तो चंपारण और नेपाल के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
मरीजों के लिए बनेगी जीवनरेखा
चंपारण और सीमावर्ती नेपाल से रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए गोरखपुर जाते हैं. सुबह की इंटरसिटी सेवा शुरू होने से लोग समय पर गोरखपुर एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर ओपीडी में डॉक्टर को दिखा सकेंगे. इसके बाद वे शाम की ट्रेन से उसी दिन सुरक्षित अपने घर वापस लौट सकेंगे. इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा.
छात्रों और व्यापारियों को सीधा लाभ
गोरखपुर विश्वविद्यालय और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह ट्रेन कनेक्टिविटी का बेहतरीन माध्यम बनेगी. इसके साथ ही, रक्सौल-बीरगंज अंतरराष्ट्रीय व्यापार क्षेत्र, बेतिया और नरकटियागंज के थोक व्यापारियों को गोरखपुर के बाजारों में कारोबार के लिए पूरा दिन मिल सकेगा. इससे क्षेत्रीय व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा.
रेलवे को होगा बंपर मुनाफा
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस 240 किलोमीटर लंबे रूट पर यात्रियों का भारी दबाव रहता है. वर्तमान में सीधी और सुविधाजनक ट्रेन न होने से लोग सड़क मार्ग का महंगा सफर तय करते हैं. ट्रेन शुरू होने से रेलवे को बड़ा राजस्व मिलेगा. जनता ने स्थानीय सांसदों और विधायकों से इस मांग को रेल मंत्रालय के समक्ष मजबूती से उठाने की अपील की है.
