वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल 2 के वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र अंतर्गत नौ आरडी पुल के समीप नहर से निकलकर एक दुर्लभ प्रजाति के कछुए को विचरण करते देखा गया.
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
वाल्मीकिनगर. वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल 2 के वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र अंतर्गत नौ आरडी पुल के समीप नहर से निकलकर एक दुर्लभ प्रजाति के कछुए को विचरण करते देखा गया. ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई. अद्भुत कछुए को देखकर लोग आश्चर्य महसूस कर रहे थे. ग्रामीणों द्वारा कछुए को उठाकर फिर से नहर के पानी में डाल दिया गया ताकि कछुआ पर कोई संकट नहीं आए. जानकारों की माने तो यह कछुआ जियोमिडिडे प्रजाति का है. इसे इंडियन टेंट टर्टल यानी वैज्ञानिक भाषा में पंगशुरा टेंटोरिया भी कहा जाता है.
ज्ञात हो कि कछुआ उभयचर प्राणी का जीव है वह पानी में और धरती पर दोनों जगह रह सकता है और अनुकूलन कर लेता है. यह टाइगर रिजर्व क्षेत्र है, यहां पर कछुए का पाया जाना सामान्य घटना है. बहुत से ऐसे जीव जंतु,सरिसृप और पशु, पक्षी हैं जो दुर्लभ प्रजाति में है यह भी टाइगर रिजर्व में पाए जाते हैं. हालांकि इस बाबत जानकारी के लिए वन विभाग से संपर्क का प्रयास किया गया किंतु संपर्क नहीं हो सका है. कछुए से संबंधित जानकारी विद्यादित्य सिन्हा वाल्मीकि वसुधा इंडो नेपाल ग्रुप के एडमिन के द्वारा फेसबुक पर पोस्ट किया गया है.
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